वेनेजुएला में चीनी रडार का सरेंडर: क्या धराशायी हो गया 'स्टेल्थ हंटर' का भ्रम?
स्टेल्थ हंटर' कहा जाने वाला यह सिस्टम अमेरिकी F-35 विमानों को पकड़ने में नाकाम रहा और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के सामने घुटने टेक दिए।
रडार नेटवर्क के ध्वस्त होने के बाद वेनेजुएला का हवाई क्षेत्र अब पूरी तरह से असुरक्षित हो गया है।
नई दिल्ली : दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में हालिया सैन्य संघर्ष ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। विशेष रूप से चीन निर्मित 'स्टेल्थ हंटर' कहे जाने वाले JY-27A रडार की विफलता ने आधुनिक युद्ध तकनीक पर बहस छेड़ दी है।
वेनेजुएला ने अपनी सुरक्षा के लिए चीन से करोड़ों डॉलर के जो रडार खरीदे थे, वे अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान पूरी तरह मूकदर्शक बने रहे। यह खबर न केवल वेनेजुएला की सुरक्षा चूक को उजागर करती है, बल्कि चीनी सैन्य उपकरणों की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
स्टेल्थ विमानों को पहचानने में नाकाम रहा चीनी रडार
वेनेजुएला के रक्षा तंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाने वाला चीनी रडार JY-27A, अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II और F-22 रैप्टर जैसे स्टेल्थ विमानों की आहट तक नहीं पहचान सका।
मीटर-वेव तकनीक पर आधारित होने के कारण चीन का दावा था कि यह रडार किसी भी अदृश्य विमान को पकड़ सकता है, लेकिन ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विमानों ने वेनेजुएला की सीमा में घुसकर रडार स्टेशनों को ही तबाह कर दिया।
यह विफलता बताती है कि स्टेल्थ तकनीक के सामने रडार डिटेक्शन अभी भी कोसों दूर है।
अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के सामने घुटने टेके
खबरों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना ने हमले से पहले एक व्यापक 'इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर' अभियान चलाया था। इसमें अमेरिकी जैमर्स ने वेनेजुएला के रडार सिग्नल्स को पूरी तरह 'ब्लाइंड' कर दिया।
चीनी तकनीक इस स्तर की जैमिंग को झेलने में अक्षम साबित हुई, जिसके कारण रडार स्क्रीन पर केवल शोर दिखाई दिया और वेनेजुएला की सेना यह समझ ही नहीं पाई कि हमला किस दिशा से हो रहा है।
रूसी S-300 सिस्टम और चीनी रडार के बीच तालमेल का अभाव
वेनेजुएला की सुरक्षा का एक बड़ा हिस्सा रूसी मिसाइल सिस्टम S-300VM पर टिका है। हालांकि, इन मिसाइलों को फायर करने के लिए चीनी रडार से मिलने वाले डेटा की जरूरत होती है।
ऑपरेशन के दौरान यह देखा गया कि चीनी रडार और रूसी मिसाइल लॉन्चरों के बीच 'इंटरऑपरेबिलिटी' की भारी कमी थी। रडार से सटीक डेटा न मिलने के कारण करोड़ों की रूसी मिसाइलें जमीन पर ही धरी रह गईं और एक भी अमेरिकी विमान को निशाना नहीं बना सकीं।
रक्षा बाजार में चीन की साख पर लगा बड़ा धक्का
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय हथियारों के बाजार में चीनी उपकरणों की साख को भारी नुकसान पहुँचाया है। कई देशों ने, जो चीन से रडार और डिफेंस सिस्टम खरीदने की योजना बना रहे थे, अब अपने फैसले पर पुनर्विचार करना शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ने अपने रडार की क्षमताओं को लेकर जो बड़े-बड़े दावे किए थे, वे वास्तविक युद्ध की स्थितियों में पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं।
वेनेजुएला की वायु सीमा हुई पूरी तरह असुरक्षित
रडार नेटवर्क के ध्वस्त होने के बाद वेनेजुएला का हवाई क्षेत्र अब पूरी तरह से असुरक्षित हो गया है। बिना किसी पूर्व चेतावनी के हुए इन हमलों ने वेनेजुएला के सैन्य नेतृत्व को हिला कर रख दिया है।
वर्तमान में वेनेजुएला के पास ऐसी कोई वैकल्पिक तकनीक मौजूद नहीं है जो अमेरिकी स्टेल्थ विमानों का मुकाबला कर सके, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विदेशी तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता किसी भी देश की संप्रभुता के लिए कितनी घातक हो सकती है।