Gurugram Pollution: गुरुग्राम में प्रदूषण के खिलाफ विरोध, नए साल में जश्न की जगह भूख हड़ताल पर बैठी महिला
दिल्ली एनसीआर में एक तरफ जहां सब लोग नए साल का जश्न मना रहे हैं। वहीं गुरुग्राम में 31 दिसंबर से ही गौरी सरीन सहित अन्य लोग भूख हड़ताल में बैठे हैं। जानिए क्या पूरा मामला?
गुरुग्राम में नए साल पर भूखहड़ताल पर बैठी महिला
Gurugram Protest on Pollution: नया साल 2026 आ गया,लेकिन दिल्ली-एनसीआर की हवा में कोई बदलाव नहीं आया। लोग जहरीली और दम घोंटने वाली हवा के बीच नए साल की शुरुआत करने को मजबूर हुए। इसी बीच,'मेकिंग मॉडल गुरुग्राम'(MMG)नाम की संस्था की संस्थापक गौरी सरीन ने 31 दिसंबर की शाम से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने नए साल की पार्टी और जश्न छोड़कर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया। उनके इस कदम को लगभग 100 नागरिकों ने समर्थन दिया और वे उनके साथ जुटे।
भूख हड़ताल क्यों चुनी?
गौरी सरीन ने बताया कि उन्होंने नए साल की पूर्व संध्या को अलग तरीके से मनाने का फैसला किया। ज्यादातर लोग इस दिन जीवन का उत्सव मनाते हैं और नई उम्मीद जगाते हैं, लेकिन उन्होंने प्रदूषण के खिलाफ बाहर आकर उपवास करने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि हम सब ने खतरनाक स्तर की खराब हवा का सामना किया है, जिससे फेफड़े और दिल को गंभीर नुकसान हो रहा है। 'द लांसेट' जैसी मेडिकल रिपोर्ट्स का जिक्र करते हुए उन्होंने वायु प्रदूषण को हृदय और सांस की बीमारियों से जोड़ा। दो दिन पहले ही चार किलोमीटर के इलाके में धूल के बहुत उच्च स्तर देखने के बाद उन्होंने भूख हड़ताल का निर्णय लिया।
सरकार पर लगे आरोप और कोई राहत नहीं
सरीन ने आरोप लगाया कि ग्रैप के स्टेज-1 और स्टेज-2 जैसे इमरजेंसी उपायों की घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन लोगों को कोई फायदा नहीं मिलता। दिल्ली में कुछ जवाबदेही तो है,लेकिन हरियाणा में वो भी नहीं। पिछले तीन सालों से साउदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) जैसी मुख्य सड़कों पर धूल के ढेर खुले पड़े हैं।
जिला प्रशासन,प्रदूषण बोर्ड और पर्यावरण मंत्री से बार-बार शिकायत करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। 2023 में बनी एक नागरिक कार्य योजना कभी लागू नहीं हुई। हालांकि GMDA के नए अधिकारी से बात के बाद कुछ काम शुरू हुआ,लेकिन SPR अभी भी प्रदूषण का बड़ा स्रोत बना हुआ है। विरोध स्थल पर लोगों से शांतिपूर्ण रहने,मास्क पहनने, राजनीतिक नारे न लगाने और जगह साफ रखने की अपील की गई।