जेल से छूटे चैतन्य बघेल: पिता- पुत्र ने महात्मा गांधी की प्रतिमा को किया नमन, खुद ड्राइव कर घर ले गए भूपेश
शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार चैतन्य बघेल जेल से रिहा हो गए हैं। पिता- पुत्र ने जेल में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को नमन किया।
चैतन्य बघेल का कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
रायपुर। शराब घोटाले मामले में गिरफ्तार पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल शनिवार की शाम जेल से रिहा हो गए हैं। बाहर आने के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल ने जेल से परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को नमन किया। जिसके बाद पूर्व सीएम श्री बघेल ने खुद गाड़ी चलाकर उन्हें ले गए। वहीं बड़ी संख्या में कांग्रेसी ढोल- नगाड़े और फूल- मालाओं के साथ उनका स्वागत किया।
जेल से बाहर आने के बाद चैतन्य बघेल ने कहा कि, न्याय देर से मिला लेकिन जरूर मिला। आरोपों पर उन्होंने कहा कि, मामला कोर्ट में है और मेरा कुछ भी कहना उचित नहीं है। वहीं जेल से बाहर आने पर उन्होंने खुशी जताई है।
भूपेश बोले- विपक्ष को दबाने के लिए की जा रही गिरफ्तारियां
वहीं शराब घोटाले मामले में चैतन्य बघेल को जमानत मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, देश भर में जाँच एजेंसियां विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है। मेरे बेटे चैतन्य को उसके जन्मदिन पर रंग में भंग डालने के लिए गिरफ़्तार किया गया था। आज चैतन्य के बेटे का जन्मदिन है और वो रिहा हो रहा है।
यह कार्रवाई पूरी तरह ग़लत
उन्होंने आगे कहा कि, माननीय न्यायालय ने कहा है कि, पप्पू बंसल जिसके बयान के आधार पर चैतन्य की गिरफ़्तारी की गई यह गलत है। क्योंकि पप्पू बंसल ख़ुद फ़रार है। जाँच एजेंसियों ने जो चार्जशीट पेश की है, उनमे कई चार्जशीट में चैतन्य का नाम तक नहीं है। यह कार्रवाई पूरी तरह ग़लत हैं। सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता है।