छत्तीसगढ़ में शीतलहर का कहर: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से कांपा पेंड्रा इलाका, 6 डिग्री तक लुढ़का पारा
पेंड्रा और अमरकंटक में शीतलहर का प्रकोप, तापमान 6–7 डिग्री तक गिरा। घने कोहरे से विजिबिलिटी कम, जिससे यातायात भी प्रभावित हुई। अगले 3 दिन सर्दी बरकरार रहेगी।
पेंड्रा की सड़कों पर कोहरे का कहर
आकाश पवार- पेंड्रा। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं ने पेंड्रा और अमरकंटक अंचल को ठिठुरन की गिरफ्त में ले लिया है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पेंड्रा से अमरकंटक तक सुबह कोहरे की मोटी छाई रही, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अमरकंटक में पारा 6 डिग्री तक लुढ़क गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। कई इलाकों में ओस की बूंदें जमकर पाले में तब्दील हो गईं। ठंड से बचने के लिए लोग घरों में दुबके नजर आए, वहीं जगह-जगह अलाव जलाकर राहत ली जा रही है।
आने वाले 3 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
16 दिसंबर: न्यूनतम तापमान 7 डिग्री
17 दिसंबर: न्यूनतम 7 डिग्री, अधिकतम 24–26 डिग्री
18 दिसंबर: न्यूनतम 8–9 डिग्री, अधिकतम 25–27 डिग्री
नहीं है बारिश की संभावना
मौसम विभाग का कहना है कि, 18 दिसंबर से कोहरे से कुछ राहत मिलेगी और आसमान साफ रहेगा, लेकिन शाम होते-होते ठंड फिर तेज हो जाएगी। बारिश की कई संभावना नहीं है, हालांकि उत्तरी हवाओं के कारण सर्दी का असर बना रहेगा।
कोहरे के कारण दुर्घटना का बढ़ा खतरा
इधर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कोहरे में वाहन धीमी गति से चलाने, गर्म कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। खासकर पेंड्रा-अमरकंटक मार्ग पर कोहरे के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।