मोहला जिला भाजपाध्यक्ष बन बैठे न्यायाधीश: प्रशासन जिनके खिलाफ कर रहा था जांच, उनको आम माफी का कर दिया ऐलान

मोहला- मानपुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की बेरहम पिटाई और अन्य दुर्व्यवहार के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है।

Updated On 2026-01-17 17:32:00 IST

संयुक्त एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, मोहला-मानपुर

एनिशपुरी गोस्वामी- मोहला। दो छात्राओं की आत्महत्या के प्रयास से चर्चा में आए मोहला- मानपुर जिले के चौकी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में गजब ही हो गया। यहां विद्यार्थियों द्वारा मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत के बाद पहुंची प्रशासनिक टीम ने प्राचार्य को हटाने और तीन लेक्चरर्स को नोटिस जारी करवाया। लेकिन इन सबको किनारे रखते हुए जिला भाजपाध्यक्ष दिलीप वर्मा खुद ही न्यायाधीश बन बैठे।

विद्यार्थियों ने स्टाफ पर लगाए हैं गंभीर आरोप
उल्लेखनीय है कि, पिछले पखवाड़ेभर से चौकी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में हाईस्कूल की बच्चियों को प्रताड़ित करने का मामला गूंज रहा है। हालात इतने बदतर हो गए कि, 10वीं और 11वीं की दो छात्राओं ने आत्महत्या का प्रयास तक किया। यहां के स्टाफ पर छात्राओं और छात्रों ने भी अनेक गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर बाकायदा अफसरों की जांच टीम बनाई गई। जो अभी प्रक्रिया में ही है, लेकिन इसी बीच जिला भाजपाध्यक्ष दिलीप वर्मा बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के खुद ही अपने दर्जनभर साथियों के साथ विद्यालय पहुंच गए।

जिला भाजपाध्यक्ष ने कर दिया माफी का ऐलान
श्री वर्मा न केवल पहुंचे उन्होंने बाकायदा जिनकी शिकायतें की गई हैं, उन्हें आम माफी का ऐलान भी कर दिया। उनका एक वीडियो विद्यालय के स्टाफ और बच्चों से चर्चा का हरिभूमि के पास है, जिसमें दिलीप वर्मा पहली गलती होने की वजह से माफ करने की बात कहते सुनाई और दिखाई साफ तौर पर दे रहे हैं। हालांकि वे दूसरी बार ऐसी गलती ना करने के लिए स्टाफ को ताकीद करते भी सुनाई दे रहे हैं। अब यहां सवाल यह उठता है कि, क्या जिला भाजपाध्यक्ष को यह पावर है कि, वे जिनके खिलाफ गंभीर शिकायतें हों, उन्हें माफ करने का ऐलान करें? स्टाफ ने ऐसी क्या घुंटी पिला दी नेताजी को, जिसे पीकर वे विद्यालय में प्रवेश कर माफी का ऐलान कर आए।

अफसरों से ऊपर हो गए नेताजी
माफी का ऐलान करने से पहले क्या नेताजी ने उन विद्यार्थियों की राय ली? जिन्होंने स्टाफ की पता नहीं कैसी-कैसी प्रताड़ना झेली है। क्या नेताजी ने उन प्रशासनिक अफसरों से कुछ जानने का प्रयास किया जिन्होंने एकलव्य आवासीय विद्यालय के विद्याथियों की शिकायतों पर गंभीरता से जांच की। न केवल जांच की बल्कि, प्राचार्य को हटवाया और तीन लेक्चरर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कराया। क्या नेताजी अब प्राचार्य को पुन: वहीं पदस्थापित कराने के मूड में हैं। क्या नोटिस भी स्वयं ही खारिज हो जाएगी।


प्रशासन ने उठाए थे संजीदा कदम
इधर प्रशासनिक हल्कों में इस बात की चर्चा है कि, मारपीट के मामले में जिला प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कठोर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। छात्राओं ने आत्मघाती कदम किस मजबूरी में उठाया, इस बाम की तह तक जाने की कोशिश प्रशासन कर रहा है। वहीं जिला भाजपाध्यक्ष के इस कदम के बाद अब इस मामले में सियासत की एंट्री भी हो चुकी है।

एफआईआर दर्ज करे प्रशासन- विधायक
वहीं इस मामले में स्थानीय विधायक इंद्र शाह मंडावी ने कहा है कि, आदिवासी नाबालिग छात्र-छात्राओं के मामले में भाजपा जिला अध्यक्ष कैसे जांच अधिकारी बन गये? किसके परमिशन से भीड़ लेकर परिसर में घुसे, बच्चों के शोषण में वो कौन होते हैं माफ करने वाले। उनहोंने कहा कि, इस मामले में तत्काल कलेक्टर- एसपी को एफआईआर करनी चाहिए।

केवल परिजनों और अफसरों को परिसर में प्रवेश की इजाजत : कलेक्टर
वहीं इस मामले में अब मोहला- मानपुर- अंबागढ़ चौकी कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने कहा है कि, एकलव्य परिसर में परिजनों और जांच के लिए भेजे गए अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति है, शेष किसी को नहीं, अगर कोई गया है तो यह उनका निजी निर्णय होगा।

किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई : एसपी
उधर इस मामले में मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के एसपी वाईपी सिंह ने बताया कि, प्रशासनिक स्तर पर एकलव्य विद्यालय परिसर में घुसने और जांच करने की अनुमति नेताओं को नहीं दिया गया था। 

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