Ekadashi Vrat January 2026: कब रखा जाएगा जया एकादशी का व्रत, जानें पूजा मुहूर्त और पारण समय

Ekadashi Vrat January 2026: जानिए जया एकादशी 2026 की सही तारीख, पूजा शुभ मुहूर्त, व्रत विधि और पारण समय की पूरी जानकारी।

Updated On 2026-01-22 08:40:00 IST

Ekadashi Vrat January 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में आने वाली दो एकादशियों का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक एकादशी व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

माघ मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। माघ माह को भगवान श्रीहरि का प्रिय मास माना गया है, इसलिए इस महीने की एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। जया एकादशी का व्रत विशेष रूप से मोक्षदायी और पाप नाशक माना गया है।

जया एकादशी 2026 कब है?

अक्सर श्रद्धालुओं के मन में जया एकादशी की तिथि को लेकर भ्रम बना रहता है। वर्ष 2026 में जया एकादशी का व्रत 28 जनवरी को नहीं बल्कि 29 जनवरी 2026, गुरुवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन व्रती उपवास रखकर भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करेंगे। साथ ही माता लक्ष्मी की भी पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन श्रीहरि के साथ महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने से धन, वैभव और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

जया एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को भूत-प्रेत बाधा, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह एकादशी आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। माघ मास में स्नान, दान और विष्णु पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में जया एकादशी का व्रत करने से हजारों यज्ञों के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

जया एकादशी 2026 पूजा शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि प्रारंभ: 28 जनवरी 2026, शाम 04:35 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त: 29 जनवरी 2026, दोपहर 01:55 बजे
  • उदयातिथि के अनुसार जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी 2026 को रखा जाएगा। इस दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लेना शुभ माना जाता है।

जया एकादशी पूजा विधि

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
  • स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें
  • तुलसी पत्र, पीले पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित करें
  • “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें
  • दिनभर सात्विक आहार और संयम का पालन करें

जया एकादशी 2026 पारण समय

  • जया एकादशी पारण तिथि: 30 जनवरी 2026, शुक्रवार
  • पारण का शुभ समय
  • सुबह 07:13 बजे से 09:29 बजे तक
  • द्वादशी तिथि समाप्त: सुबह 11:09 बजे
  • श्रद्धालु सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले पारण कर सकते हैं।

पारण से जुड़ी जरूरी सावधानियां

  • द्वादशी तिथि के भीतर ही पारण करें
  • पारण में तुलसी जल या फलाहार ग्रहण करें
  • क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से दूर रहें

जया एकादशी 2026 का व्रत 29 जनवरी को श्रद्धा और नियमपूर्वक रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। माघ मास में आने वाली यह एकादशी आत्मिक शांति, सौभाग्य और मोक्ष का मार्ग खोलने वाली मानी जाती है। सही तिथि, पूजा विधि और पारण समय का पालन कर व्रत का पूर्ण फल प्राप्त किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। HariBhoomi.com इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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