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Elon musk On EVM:  दुनिया के जाने माने कारोबारी और स्पेसएक्स और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने शनिवार को ईवीएम को लेकर एक बड़ा बयान दिया । एलन मस्क ने कहा है कि चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इन्हें इंसान या AI के जरिए हैक किया जा सकता है।

Elon musk On EVM:  दुनिया के जाने माने कारोबारी और स्पेसएक्स और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने शनिवार को ईवीएम को लेकर एक बड़ा बयान दिया । एलन मस्क ने कहा है कि चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। मस्क ने कहा कि ये मशीनें इंसानों या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से हैक की जा सकती हैं।

मस्क  ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को हटा देना चाहिए। इन्हें इंसानों या AI द्वारा हैक किया जा सकता है, जो बहुत बड़ा जोखिम है।" उन्होंने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर की एक पोस्ट को शेयर करते हुए कही। कैनेडी ने प्यूर्टो रिको में चुनावों के दौरान EVM में आई गड़बड़ियों के बारे में लिखा था।

कैनेडी ने क्या कहा?
रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने अपने पोस्ट में एसोसिएटेड प्रेस का हवाला देते हुए कहा, "प्यूर्टो रिको के चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में सैकड़ों गड़बड़ियां सामने आईं। अच्छी बात यह रही कि पेपर ट्रेल के कारण समस्या की पहचान हुई और वोटों की सही गिनती की जा सकी।" उन्होंने आगे कहा, "ऐसे जगहों पर क्या होगा जहां कोई पेपर ट्रेल नहीं है? हमें सुनिश्चित करना होगा कि हर वोट की गिनती हो और चुनावों को हैक न किया जा सके। इसके लिए हमें पेपर बैलेट पर वापस लौटने की जरूरत है।"

राजीव चंद्रशेखर ने किया मस्क पर पलटवार
भारत के सूचना एवं तकनीक मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ईवीएम पर मस्क की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह   एक बहुत सामान्य बयान जिसका  मतलब यह निकलता है कि कोई भी सुरक्षित डिजिटल हार्डवेयर नहीं बना सकता है। यह बात बिल्कुल गलत। एलन मस्क का नजरिया अमेरिका जैसी जगहों पर लागू हो सकता है - जहां वे इंटरनेट से जुड़ी वोटिंग मशीन बनाने के लिए रेगुलर कंप्यूट प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।

कस्टम डिजाइन्ड हैं इंडियन ईवीएम
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय EVM मशीनें कस्टम डिजाइन की गई हैं। हमारी ईवीएम मशीनें सुरक्षित हैं और किसी भी नेटवर्क या मीडिया से जुड़ी नहीं है। हमारी ईवीएम मशीनों में कोई कनेक्टिविटी नहीं, कोई ब्लूटूथ , वाईफाई या  इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं । यानी कि इसे हैक करने का कोई रास्ता नहीं है। इंडियन ईवीएम मशीनों में फैक्ट्री प्रोग्राम्ड कंट्रोलर हैं जिन्हें फिर से प्रोग्राम नहीं किया जा सकता है। हमें एलन के लिए एक ट्यूटोरियल चलाने में खुशी होगी।

EVM की विश्वसनीयता पर विवाद
भारत में EVM की विश्वसनीयता एक ज्वलंत मुद्दा रहा है। विपक्ष ने कई फिर से बैलट पेपर के जरिए चुनाव कराने की पुरानी चुनावी प्रक्रिया लाने की मांग कर चुका है। हालांकि, इस साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने केवल संदिग्ध हैकिंग और हेरफेर के आधार पर EVM के संबंध में कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर सुधार की जरूरत महसूस हुई तो वह इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन क्या हैं?
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें ऐसी डिवाइस हैं, जिनका उपयोग चुनावों में मतों को रिकॉर्ड और गिनने के लिए किया जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य वोटिंग प्रक्रिया को सरल, तेज और विश्वसनीय बनाना है। भारत में ईवीएम का इस्तेमाल लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनावों में किया जाता है।

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