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देखो तो सही, पेंसिल की नौंक पर बनाई ये आकृतियां

आपको बता दें कि फिदई स्कूल के दौरान इस कला को चॉक पर बनाया करते थे।

देखो तो सही, पेंसिल की नौंक पर बनाई ये आकृतियां
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रुस. कहते है कि इंसान की कला का कोई जबाव नहीं है, इसलिए इस मानव-जाति को कुदरत का सबसे अनमोल तोहफा मिला है वो है सोचने-समझने की शकित जो कि इस संसार में सिर्फ इंसान को ही पूर्ण रुप से ही दी है। इंसान द्वारा किए गए च्मत्कारों की कोई गिनती और तुलना नहीं है। बता दें कि इसी इंसानी दिमाग की उपज ने एक और विश्वसनीय कला को अपने अदंर से निकाला है। रुस के फिदई ने पेंसिल से एक कारनामा किया है जिसे देख आप भी इंसानी कला की तारीफ करते नहीं थकोगे।
देखिए कैसे एक पेसिल को दिए अनेक रुप....
अपवर्थी डॉम कॉम की खबर के मुताबिक, फिदई ने बताया कि वह पेंसिल की नोक पर इन मूर्तियों को बनाने के लिए वह बेहद छोट ब्लेड की इस्तेमाल किया। फिदई का कहना है कि उन्हे ऐसा करने में 6 से 12 घंटो तक का समय लगता था। इस रसियन कलाकार ने इन नन्ही आकृतियों को माइक्रोस्कोप की मदद से पूरा किया है।
1. पेंसिल के जरिए बनाए गए है यह दिल की आकृति वाली छल्ले
2. यह कुशलता विस्तृत बच्चे
3. फिदई ने किया पेंसिल पर थम्सप का निर्माण
4. फिदई ने शतरंज के घोड़ो को भी उतारा अपनी पैंसिल कला में
5. ताला-चाबी भी नही छोड़ा फिदई की कला ने
6. बहुचर्चित बेटमेन भी पेंसिल की नौक पर
7. टेलेंट्ड हाथियों को देख आप भी चौक जाएंगे
8. कंकालों का जंजाल भी बेदह उम्दा
9. तरह-तरह के गिटार भी बनाए फिदई ने
10. भयानक साँप का भी रुप देने से नहीं चूके फिदई
आपको बता दें कि फिदई स्कूल के दौरान इस कला को चॉक की नौक पर बनाया करते थे।
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