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ऐसे खतरनाक जहर जिनकी एक बूंद है जिंदगी पर भारी

जहर अपने आप में एक बहुत बड़ा हथियार है। हेर्कुले पोइरोट और शर्लाक होल्म्स ने अपने दर्शकों लका ध्यान प्ले में लगाए रखने के लिए अपने नाटकों में बहुत ही जल्दी असर करने वाले जहर का इस्तेमाल दिखाया है।

ऐसे खतरनाक जहर जिनकी एक बूंद है जिंदगी पर भारी
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जहर अपने आप में एक बहुत बड़ा हथियार है। हेर्कुले पोइरोट और शर्लाक होल्म्स ने अपने दर्शकों लका ध्यान प्ले में लगाए रखने के लिए अपने नाटकों में बहुत ही जल्दी असर करने वाले जहर का इस्तेमाल दिखाया है। ये सब तो बीएस प्ले की बात है पर जब बात वास्तविकता में आती है तो ऐसे कुछ जहर हैं जिनकी थोड़ी सी भी मात्रा घातक हो सकती है। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे 5 जहर के बारे जिनकी एक बूंद भी है बेहद घातक।
आर्सेनिक
आर्सेनिक को इसकी तीव्रता और पोटेंसी की वजह से जहर का राजा कहा जाता है। इसका प्रयोग ज्यादातर मर्डर करने में होता है या फिर एक रहस्यमय तत्व की तरह। इस जहर से नेपोलियन बोनापार्ट, इंग्लैंड की जार्ज तृतीय और साइमन बोलिवर जैसे कैसी मशहूर लोगों की जानें गई हैं। जबकि आर्सेनिक को बेलाडोना की ही तरह कास्मेटिक की तरह भी प्रयोग किया जाता है। इसकी बस कुछ बूंदें किसी भी महिला की त्वचा की रंगत में निखार ला सकती है।
बोटुलिनुम टाक्सिन
अगर आपने शर्लाक होल्म्स देखा है, तो आप इसके बारे में जरूर जानते होंगे। इससे बॉटूलिस्म हो जाता है जिसका जल्दी ही इलाज नहीं शुरू किया गया तो स्थिति बहुत ही घातक हो सकती है। इससे मांसपेशियों में लकवा, श्वसन तंत्र में लकवा मार जाता है और कुछ स्थितियों में मौत भी हो सकती है। इसके बैक्टीरिया शरीर में खुले जख्मों या खराब खराब खाद्य पदार्थों के सेवन से शरीर में प्रवेश करते हैं। इसके इतर, बोटुलिनुम टाक्सिन वही पदार्थ है जो बोटॉक्स इंजेक्शन में प्रयोग होता है।
साइनाइड
साइनाइड का जिक्र अगाथा क्रिस्टी ने भी अपने उपन्यास में किया है। साइनाइड बहुत ही प्रसिद्द विष है और इसकी अपनी कई वजहें भी हैं। ये बहुत कम मात्रा में बादाम, सेब के बीज अखरोट, तम्बाकू के धुएं, कीटनाशकों में पाया जाता है। इंसानों के लिए उनके प्रति वजन के हिसाब से इसकी 1.5 मिलीग्राम खुराक ही जानलेवा है। इसे खाने के 1 से 5 मिनट के अंदर ही लोगों की मौत हो जाती है। गैस के रूप में भी ये घातक है नाज़ी जर्मनी के गैस चेम्बरों में इसी की गैस का प्रयोग होता था।
पारा (मरकरी)
मरकरी तीन तरह के होते हैं जो कि बेहद खतरनाक हैं। थर्मामीटर में इस्तेमाल होने वाला अगर गलती से भी निगल लिया जाए तो ये बेहद घातक है। जबकि अकार्बनिक पारा का इस्तेमाल बैटरी पर अगर लती से भी अगर इसका सेवन कर लिया जाए तो जान भी जा सकती है। और कार्बनिक पारा टूना मछली और स्वार्ड मछली में पाया जाता है, बहुत लम्बे समय तक इसके सेवन से बचना चाहिए।
पोलोनियम
ये एक रेडियोएक्टिव जहर है, एक धीमा जहर जिसका कि कोई इलाज नहीं है। 1 ग्राम वाष्पित पोलोनियम से कुछ ही महीनो में 1.5 मिलियन लोगों की मौत हो सकती है। रूस के जासूस एलेग्जेंडर लित्विनेन्को की मौत भी इसी जहर से हुई थी।

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