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जन्म से ही कुछ लोगों के कान पर होता है छेद, ये होती है वजह

दुनिया में जन्म लेने वाले कुल लोगों में से कुछ ही ऐसे होते हैं जो अपने कान पर एक छेद के साथ पैदा होते हैं।

जन्म से ही कुछ लोगों के कान पर होता है छेद, ये होती है वजह
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नई दिल्ली. आपने कई लोगों को देखा होगा जिनके कान, नाक और चेहरे पर छेद होते हैं और अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग जब पैदा होते हैं तो उनके कान के पास जन्म से ही एक छेद होता है। लेकिन दुनिया में जन्म लेने वाले कुल लोगों में से कुछ ही ऐसे होते हैं जो अपने कान पर एक छेद होता है। यह छेद कई बार मुश्किल से ही दिखाई देता है। ऐसे लोग जिस चीज के साथ पैदा होते हैं, उसे प्रीयूरीक्यूलर साइनस कहते हैं।
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, यूके में, सिर्फ 1 फीसदी लोगों के साथ ऐसा है। यूएस में यह फ्रीक्वेंसी और भी कम है और भारत सहित एशिया, अफ्रीका के हिस्सों में 4 से 10 फीसदी लोग इससे इफेक्टेड होते हैं। यह छेद ग्रंथि, खरोंच या डिंपल होता है जो खास तौर से उन जगहों पर होता है जहां चेहरे और कान की नरम हड्डी मिलती है।
प्रीयूरिक्यूलर साइनस तकनीकी रूप से एक अनुवांशिक बर्थ डिफेक्ट है जो सबसे पहले साइंटिस्ट वेन हेसिंगर ने 1864 मे डॉक्युमेंट किया था। उन्होंने इसे एक कान में ही पाया था लेकिन जिन लोगों के साथ ऐसा होता है, उनमें से 50 फीसदी लोगों के दोनों कान पर छेद देखा गया है। बिजनेस इंसाइडर के मुताबिक, एक विकासवादी जीवविज्ञानी नील शुबिन का कहना है कि यह छेद मछली के गिल्स का बचा हुआ विकासवादी अवशेष हो सकता है। हालांकि, यदि आप भी उन एक फीसद लोगों में से एक हैं, जिनके कान में ऐसा छेद है, तो परेशान होने की कोई बात नहीं है।
अगर आप दुनिया की कुल आबादी का एक फीसदी हैं तो चिंता की कोई बात नहीं। यह किसी प्रॉब्लम की तरफ इशारा नहीं है बल्कि कुछ ऐसा है जिसे आसानी से खत्म किया जा सकता है। एंटीबायोटिक्स से इसे दूर किया जा सकता है। हालांकि अधिकतर मौकों पर साइनस को दूर करने के लिए सर्जरी की जरूरत पड़ती है।
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