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शेरनियां अकेले नहीं ग्रुप में होती हैं प्रेगनेंट: रिसर्च

शावकों को शिकारी शेरों से बचाने के लिए शेरनियां समूह में प्रजनन करना पसंद करती हैं।

शेरनियां अकेले नहीं ग्रुप में होती हैं प्रेगनेंट: रिसर्च
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अफ्रीका. जाम्बिया में शेरों पर शोध के दौरान एक बात सामने आई है। जिसमें कहा गया है कि शेरनियां अपने शावकों की देखभाल करने के लिए ग्रुप में बच्चे पैदा करना पसंद करती हैं ताकि उनकी देखभाल अच्छे से हो सके। रिसर्च में यह भी बताया गया है कि कैसे शेरनियां अपने बच्चों को एक साथ जन्म देने के लिए प्रजनन-चक्र (पीरियड्स) समकालीन कर लेती हैं ताकि पूरे समूह को एक ही समय पर प्रजनन हो और उनके शावक एक साथ बड़े हों।
शेरों पर रिसर्च कर रही बायोलॉजिस्ट थांदिवे मवीटवा ने एक रिसर्च में खुलासा किया है कि शेरनियां अपने प्रजनन-चक्र को एक समूह के साथ समकालीन कर लेती हैं ताकि वह सभी एक ही समय में बच्चों को जन्म दें सकें और उनका पालन-पोषण बेहतर तरीके से हो। इस रिसर्च में यह भी कहा गया है कि शावकों को शिकारी शेरों से बचाने के लिए भी शेरनियां समूह में प्रजनन करना पसंद करती हैं। लेकिन शेरनियों के ऐसा करने से शेरों को संभोग के लिए कोई फीमेल साथी नहीं मिल पाता है।
नेशनल ज्योग्राफिक की उभरती बायोलॉजिस्ट थांदिवे मवीटवा का कहना है कि "शेरनियों के अपने प्रजनन-चक्र को समकालीन बनाने का एक बहुत बड़ा कारण है। बता दें कि यह शेरनियों के प्रजनन को सफल बनाता है। समूह में शेरनियां एक साथ बच्चों को जन्म देती हैं और एक-दूसरे के बच्चों की ख़ास देखभाल करती हैं। कोई भी शावक किसी भी शेरनी का दूध पी सकता है और समूह में शेरनियां नन्हें शावकों को आसानी से शिकारियों से बचा लेती हैं और वह अरक्षित युवा अवस्था में पहुंच जाते हैं।"
गौरतलब है कि ऐसा और किसी प्राणी में पाया जाना मुश्किल होता है। हालांकि बहुत से प्राणी समूह में अपने बच्चों की रक्षा करते हैं। नन्हे बच्चों के लिए शिकार ही सबसे बड़ा खतरा होता है। इसलिए समूह में जन्म दिए बच्चों के मरने और बिल्कुल खत्म होने की संभावना कम हो जाती है। हालांकि अफ्रीका में बहुत से शेर शावक शिकार, भूख-प्यास, और दूसरे बड़े शेरों द्वारा शिकार किए जाने से मर गए थे।
इस समय के दौरान कई बार शेर दूसरे शेरों के झुण्ड में शेरनियों से मिलाप करने के लिए आपस में भिड़ जाते हैं। अगर वह इसमें सफल हो जाते हैं तो वह शावकों को मार देते हैं ताकि शेरनियों से संबंध बना सकें।
रिसर्च के मुताबिक ज्यादातर जानवर एक खास मौसम के दौरान ही मिलन करते हैं जबकि कुछ प्रजातियां अपने बच्चे के मरने के बाद मिलन करती हैं। इस मामले में कुछ प्रजातियां मौसम पर निर्भर हैं तो वहीं कुछ जंगली स्तनधारी प्रजातियां वसंत में बच्चों को जन्म देती हैं। हिरणी सर्दियों में गर्भ-धारण करती हैं और फिर मई-जून में बच्चे को जन्म देती हैं क्योंकि गर्मी का मौसम हिरन के बच्चे को बढ़ने में मदद करता है। हालांकि हिरन प्रजातियों की कामेक्छा में कमी आई है।
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