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भारतीय में होती है सेल्फी को लेकर सबसे ज्यादा पागलपंती

सेल्फी लेते वक्त 76 मौतें सिर्फ भारत में हुई हैं।

भारतीय में होती है सेल्फी को लेकर सबसे ज्यादा पागलपंती
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नई दिल्ली. सेल्फी क्लिक करने के लिए लोगों के सिर पर भूत सवार होता हैं। सेल्फी की ये सनक यहीं खत्म नहीं होती। परफेक्ट सेल्फी के लिए भारतीय अपनी जिंदगी भी दांव पर लगा रहे हैं। पिछले दो साल में सेल्फी लेते वक्त दुनिया भर में 127 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 76 मौतें सिर्फ भारत में हुई हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के कॉस्मेटिक सर्जन डॉ अनूप धीर के पास हर महीने करीब 25 कस्टमर्स ऐसे आते हैं, जो उनसे अपनी सेल्फी पिक्चर बेहतरीन बनाने की गुजारिश करते हैं। उनके क्लाइंट्स में हर उम्र के लोग शामिल हैं, जो स्किन कलर बढ़ाने के लिए 'स्किन पीलिंग' से लेकर होठों को बेहतर बनाने के लिए उपाय करने को कहते हैं।
डॉ धीर कहते हैं, 'सेल्फी के साथ समस्या यह है कि यह फ्लैट लेंस के साथ ली जाती है। हाई फोकल लेंथ लेंस से नहीं। इसलिए चेहरे के फीचर्स उतने अच्छे नहीं आ सकते, जितनी उम्मीद रहती है। कैमरे का प्रोफाइल बदल रहा है और लोग हर रोज 7-8 तस्वीरें पोस्ट करने के लिए ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट करने का दबाव निश्चित तौर पर काफी ज्यादा है।'
सेल्फी को लेकर सनक यहीं खत्म नहीं होती। परफेक्ट सेल्फी के लिए भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में लोग अपनी जिंदगी को भी दांव पर लगा लेते हैं। पिछले दो साल में सेल्फी लेते वक्त दुनिया भर में 127 लोगों की मौत हुई है। इनमें 76 मौतें सिर्फ भारत में हुई हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की हालिया रिसर्च में यह बात सामने आई है। इसलिेए ऐसा कहा गया है कि भारतीयों के सिर पर सेल्फी की सनक ज्यादा है।
इस स्टडी के लिए काम करने वाली टीम ने दुनिया भर में ट्विटर पर पोस्ट की गई 62,000 सेल्फी की पड़ताल की और इसमें मौत के सबसे कॉमन कारणों का पता लगाया। इनकी वजहें कई हैं: ऊंचाई से गिरना, ट्रेन दुर्घटना, किसी पानी से जुड़ी जगह पर संतुलन गड़बड़ाना, हथियार, गाड़ियां, इलेक्ट्रिसिटी और जानवर। भारत में सेल्फी के कारण बड़ी संख्या में हुई मौतों को यहां की बड़ी जनसंख्या से जोड़ा जा सकता है, लेकिन इससे इस बात का जवाब नहीं मिलता कि चीन और फिलीपींस जैसी बड़ी आबादी वाले देशों में सेल्फी से जुड़ी सिर्फ 4 मौतें क्यों हुईं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि हम इसको लेकर पागल क्यों हैं? सर गंगाराम अस्पताल में क्लिनिकल साइकॉलॉजिस्ट आरती आनंद कहती हैं, 'पहले आप नॉर्मल सेल्फी लेते हैं, जिस पर कई लाइक्स मिलती हैं। इसके बाद आपको लगता है कि आपको कुछ 'अलग' करना चाहिए। जब आप खतरनाक पोजीशन में सेल्फी लेते हैं और इसे फेसबुक जैसी सोशल साइट पर डालते हैं तो आपको ज्यादा लाइक्स और कमेंट मिलते हैं। नए-नए तरीकों में सेल्फी लेना एक तरह की 'लत' और 'सनक' ही है। हालांकि लोग यह सब मजे में करते हैं।
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