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अप्रैल फूल डे: पढ़िए मूर्ख दिवस पर कुछ रोचक किस्से

इस दिन एक दूसरे के साथ व्यावाहारिक मजाक और सामान्य तौर पर मूर्खतापूर्ण हरकतें की जाती हैं।

अप्रैल फूल डे: पढ़िए मूर्ख दिवस पर कुछ रोचक किस्से
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नई दिल्ली. अप्रैल फूल दिवस पश्चिमी देशों में हर साल पहली अप्रैल को मनाया जाता है। कभी-कभी ऑल फूल्स डे के रूप में जाना जाने वाला यह दिन, 1 अप्रैल एक आधिकारिक छुट्टी का दिन नहीं है लेकिन इसे व्यापक रूप से एक ऐसे दिन के रूप में जाना और मनाया जाता है जब एक दूसरे के साथ व्यावाहारिक मजाक और सामान्य तौर पर मूर्खतापूर्ण हरकतें की जाती हैं। इस दिन दोस्तों, परिजनों, शिक्षकों, पड़ोसियों, सहकर्मियों आदि के साथ अनेक प्रकार की शरारतपूर्ण हरकतें और अन्य व्यावहारिक मजाक किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य होता है बेवकूफ और अनाड़ी लोगों को शर्मिंदा करना है।

विश्व भर में लोगों में एक अप्रैल को एक-दूसरे को मूर्ख बनाने की होड़-सी लगी रहती है लेकिन बड़े पैमाने पर लोगों को एक साथ मूर्ख बनाने के लिए कभी-कभार कैसे-कैसे अनोखे तरीके अपनाए जाते हैं, आप कल्पना भी नहीं कर सकते। मूर्ख दिवस के संबंध में विभिन्न देशों के कई ऐसे रोचक किस्से प्रचलित हैं, जब सामूहिक रूप से लोगों को मूर्ख बनाने का प्रयास किया गया और वे बड़ी आसानी से ‘मूर्ख’ बन भी गए। ऐसे ही कुछ रोचक कहानियां है जो इस प्रकार हैं....

किस्सा पहला

कई वर्ष पहले बी.बी.सी. ने अपने एक नियमित कार्यक्रम के दौरान ब्रिटेन के लोगों को एक विशेष सूचना दी कि अमुक तारीख को प्लूटो ग्रह बृहस्पति ग्रह के ठीक पीछे से गुजरते हुए ऐसा गुरुत्वाकर्षण पैदा करेगा कि लोग हवा में उछलने लगेंगे। यह बी.बी.सी. की एक्सक्लूसिव खबर थी इसलिए लोग उसे कोरी अफवाह भी नहीं मान सकते थे, अत: इस घटना के लिए बी.बी.सी. द्वारा जो दिन बताया गया था लोगों ने उस दिन उसी निश्चित समय पर स्वयं ही उछलना शुरू कर दिया। इस दौरान किसी-किसी को तो वास्तव में ऐसा महसूस हुआ कि जैसे सचमुच वह उछल रहा है लेकिन किसी को लगा कि वह तो खुद ही जबरदस्ती उछल रहा है। तभी अचानक कुछ लोगों को ध्यान आया कि आज तो 1 अप्रैल का दिन है और बी.बी.सी. द्वारा उन्हें ‘अप्रैल फूल’ बना दिया गया है।

किस्सा दूसरा

लंदन में कुछ वर्ष पूर्व हजारों लोगों को एक साथ ‘अप्रैल फूल’ बनाने की एक दिलचस्प घटना हुई थी। हुआ यूं था कि लंदन में हजारों लोगों के पास एक ही दिन एक निमंत्रण पत्र पहुंचा जिसमें लिखा था, ‘‘एक अप्रैल की शाम को आप ‘टावर ऑफ लंदन’ पहुंचें, जहां सफेद रंग के एक गधे को सार्वजनिक स्नान कराया जाएगा लेकिन यहां आते समय अपने साथ यह निमंत्रण पत्र लाना न भूलें।’’

बस फिर क्या था देखते ही देखते एक अप्रैल की शाम को टावर ऑफ लंदन में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई लेकिन जब उन्हें इंतजार करते-करते काफी समय बीत गया और वहां न कोई गधा नजर आया और न ही किसी तरह का कोई आयोजन। लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा लेकिन कुछ समय बाद जब उन्हें पता चला कि उन्हें ‘अप्रैल फूल’ बनाया गया है तो वहां बड़ा हास्यास्पद माहौल बन गया और लोग हंसते-हंसते अपने-अपने घर लौट गए।

तीसरा किस्सा

अप्रैल फूल बनाने की एक रोचक घटना अमेरिका के एक महान प्रचारक हैनरी वार्ड बीचर से भी जुड़ी है। एक बार पहली अप्रैल के दिन वह एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उसी समय उन्हें एक लिफाफा प्राप्त हुआ। हैनरी ने मंच पर ही लिफाफा खोला। लिफाफे के अंदर एक खाली कागज रखा था जिस पर बीचों-बीच सिर्फ एक ही शब्द लिखा था, ‘फूल’ अर्थात मूर्ख। हैनरी तुरन्त समझ गए कि किसी ने उन्हें अप्रैल फूल बनाने की कोशिश की है।

समारोह में उपस्थित लोगों में जब इस लिफाफे के बारे में जानने की उत्सुकता हुई तो हैनरी ने चतुराई दिखाते हुए झट से पासा पलटा और उनका अप्रैल फूल बनाने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को ही ‘फूल’ बना डाला। दरअसल हैनरी ने उसी समय मंच से पत्र के बारे में खुलासा करते हुए बताया, ‘‘मुझे प्रतिदिन ढेर सारे पत्र प्राप्त होते हैं, जिनमें से कुछ लोग अपने पत्रों पर अपना नाम या पता लिखना ही भूल जाते हैं लेकिन अभी-अभी मुझे एक ऐसा पत्र मिला है, जिस पर पत्र लिखने वाले ने अपना नाम तो लिखा है लेकिन पत्र लिखना वह भूल गया है।’’

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