Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

कंकड़ का स्वाद अच्छा लगा तो खाने लगे आधा किलो रोज

कंकड़ खाने से उसकी आंखों की रोशनी जा सकती है

कंकड़ का स्वाद अच्छा लगा तो खाने लगे आधा किलो रोज
X
रांची. झारखंड के गिरिडीह जिले के अंतर्गत बिरनी थाना क्षेत्र के थौरिया गांव में 60 वर्षीय बुजुर्ग लगभग 15-20 सालों से चने की तरह कंकड़ खा रहे हैं। ताज्जुब यह कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। गांव के जमालुद्दीन अंसारी को हर रोज लगभग 500 ग्राम कंकड़ खाने की आदत है। लगभग पंद्रह-बीस साल पहले एक कंकड़ गलती से मुंह में चला गया। उसका स्वाद अच्छा लगा। फिर रोज दो-चार कंकड़ खाने लगा। आदत इस तरह बढ़ी कि भोजन के बाद जब तक कंकड़ नहीं खा लेता, चैन नहीं मिलता है।

आदत लगी तो छूटी ही नहीं : जमालुद्दीन अंसारी का भरा-पूरा परिवार है। उनके पांच बच्चे हैं। सभी की शादी हो गई है। परिजन और गांववालों की मानें तो कंकड़ खाने की आदत छुड़वाने के लिए बहुत प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं छूटी। आज भी रोज खाना खाने के बाद दिन भर में वह पांच सौ ग्राम कंकड़ खा लेते हैं।
साथ लेकर चलते हैं कंकड़: जमालुद्दीन खैनी, गुटका की तरह कंकड़ अपनी जेब में रखते हैं। जब मन किया, खा लेते हैं। उसका कहना है कि कंकड़ कोई नुकसान नहीं कर रहा है। नित्यक्रिया में कंकड़ बाहर निकल आता है।
जानलेवा शौक: इस बारे में डॉ राकेश रंजन का कहना है कि कंकड़ खाने से उसकी आंखों की रोशनी जा सकती है। रोज कंकड़ के सेवन से शरीर के अंदर जख्म बन जाता है, जो आगे जानलेवा हो सकता है।
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story