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चांद पर 50 साल पहले छोड़ आए ''मल'' के 96 बैग्स वापस क्यों लाना चाहती है नासा, जानें सच्चाई

आज से 50 साल पहले चांद पर जानकारियां हासिल करने जब वैज्ञानिक गए थे। तब वे वहां से पत्थर व मिट्टी लाए थे। लेकिन कई चीजें वहीं पर छोड़ आए थे। इसमें नील आर्म्सट्रॉन्ग के पैरों के निशान, अमेरिकी झंडा व मानव द्वारा फैलाए गए अपशिष्ट पदार्थों से भरा लगभग 96 बैग पाया गया है।

चांद पर 50 साल पहले छोड़ आए

आज से 50 साल पहले चांद पर जानकारियां हासिल करने जब वैज्ञानिक गए थे। तब वे वहां से पत्थर व मिट्टी लाए थे। लेकिन कई चीजें वहीं पर छोड़ आए थे। इसमें नील आर्म्सट्रॉन्ग के पैरों के निशान, अमेरिकी झंडा व मानव द्वारा फैलाए गए अपशिष्ट पदार्थों से भरा लगभग 96 बैग है। अब वैज्ञानिक 50 साल पुराने बैग्स को लाकर उन पर शोध करना चाहते हैं। जिससे चांद पर जीवन की खोज के बारे में आगे कुछ जाना जा सके।

चांद पर कुल 12 वैज्ञानिक नासा ने भेजे थे। और वे वैज्ञानिक वहां 96 बैग छोड़कर चले आए थे। जिसमें वे मल-मुत्र व अन्य अपशिष्ट पदार्थ छोड़ आए थे। हालांकि नासा ने कहा कि अंतरिक्ष में वैज्ञानिक ज्यादा दिन नहीं गुजारे थे। नासा ने अपने वैज्ञानिकों को खास इंतजाम करके भेजा था जिससे वहां कोई कचरा न फैले।

चांद पर क्यों बैग छोड़ा गया?

बताया जाता है कि अंतरिक्ष में वैज्ञानिक एक निश्चित वजन के साथ जाते हैं और एक निश्चित वजन के साथ ही लौटते हैं। इसलिए अंतरित्र वैज्ञानिकों ने मजबूरी में अपना अपशिष्ट पदार्थ छोड़ आए। अगर ज्यादा वजन के साथ वैज्ञानिक यात्रा करते तो उन्हें जान गवांनी पड़ सकती थी।

ट्रंप प्रशासन ने बैग लाने का लिया था फैसला...

सत्ता संभालते ही ट्रंप ने नासा के चांद पर जाने और वहां जीवन खोजने की कार्यक्रम का डेडलाइन तय किया था। वहां से बैग लाकर नासा कई महत्वपूर्ण खोज करना चाहती है। जिसमें चांद पर जीवन की खोज प्रमुख रुप से है।

नासा क्यों लाना चाहती है बैग?

  1. इन अपशिष्ट पदार्थों से पता लगाया जा सकता है कि चांद पर जीवन की कितनी संभावना है। साथ ही इस मिशन से कई अन्य चीजों पर शोध किया जा सकता है।
  2. वैज्ञानिक अपशिष्ट पदार्थों से बैक्टिरिया की मौजूदगी का पता लगाना चाहते हैं।
  3. यदि बैक्टिरिया मर गए हैं तो भी उन पर शोध करके कई जानकारियां हासिल की जा सकती है। जैसे बैक्टिरिया कब तक जिन्दा थे, कब मरे?
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