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साइकिल की रिम से ताज का गुंबद, एंगल, नट बोल्ट व मेटल शीट से बनाए 7 अजूबे

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Feb 23 2019 1:42PM IST
साइकिल की रिम से ताज का गुंबद, एंगल, नट बोल्ट व मेटल शीट से बनाए 7 अजूबे
क्या आप दुनिया के सात अजूबे एक ही स्थान पर देखना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। आप दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी)के एक थीम पार्क में 60 फुट के एफिल टावर, 20 फुट के ताजमहल और अन्य पांच अजूबों की प्रतिकृतियां निहार सकते हैं। सबसे विशिष्ट बात यह है ये प्रतिकृतियां औद्योगिक कबाड़ और अन्य अपशिष्टों से बनाई गई हैं। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सराय काले खां के समीप राजीव गांधी स्मृति वन में सात एकड़ में फैले ‘वेस्ट टू वंडर पार्क' नामक पार्क का गुरुवार शाम को उद्घाटन किया। इसके बाद शुक्रवार को उसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया।

मुख्य बातें 

वंडर्स ऑफ वर्ल्ड पार्क में आम लोग देख सकेंगे दुनिया के सात अजूबे
सराय काले खां के समीप राजीव गांधी स्मृति वन में बना पार्क आम लोगों के लिए खुला
पार्क के सभी अजूबे औद्योगिक कबाड़ व अन्य अपशिष्ट पदार्थों से बनाए गए हैं

खासियत 

07 एकड़ में फैला है पार्क
60 फीट के एफिल टावर
20 फीट का ताजमहल
18 फीट का ग्रेट पिरामिड ऑफ गीजा
25 फीट क्राइस्ट द रिडीमर
25 फीट का लीनिंग टावर ऑफ पीसा
15 फीट ऊंची रोम के कोलोसियम
30 फीट की स्टेट्यू ऑफ लिबर्टी

7.5 करोड़ लागत, 11 से 11 तक खुला रहेगा

एसडीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस पार्क को आज आम लोगों के लिए खोल दिया गया। पहले दिन ही इतनी भीड़ उमड़ी क्योंकि यह मनोरंजन का अनोखा क्षेत्र है जहां पुनर्चक्रण से सौदर्यबोध पैदा किया गया है। उन्होंने बताया कि साढ़े सात करोड़ रूपए की लागते से निर्मित यह पार्क सुबह ग्यारह बजे से रात ग्यारह बजे तक खुला रहेगा।

कौन सा अजूबा कितना ऊंचा

एसडीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि इस पार्क में ताजमहल की 20 फुट ऊंची प्रतिकृति, ग्रेट पिरामिड ऑफ गीजा की 18 फुट ऊंची प्रतिकृति, एफिल टावर की 60 फुट ऊंची प्रतिकृति, लीनिंग टावर ऑफ पीसा की 25 फुट ऊंची प्रतिकृति, रियो डि जैनेरियो की क्राइस्ट द रिडीमर की 25 फुट ऊंची प्रतिकृति, रोम के कोलोसियम की 15 फीट ऊंची प्रतिकृति और न्यूयार्क के स्टेट्यू ऑफ लिबर्टी की 30 फुट ऊंची प्रतिकृति हैं।

25 रुपए बच्चों का 50 रुपए वयस्कों की टिकट

ताजमहल का ऊपरी गुंबद साइकिल की रिम से बनाया गया है, इसी तरह बाकी अजूबे भी एंगल, नट बोल्ट, साइकिल, मेटल शीट, ऑटोमोबाइल पार्ट, पुराने बर्तन और बेकार पड़े लोहे से बनाए गए हैं। एसडीएमसी के आयुक्त पी के गोयल ने कहा कि पहले चार महीने तक हम खुद ही इसका रखरखाव करेंगे और तत्पश्चात आंगुतकों की प्रतिक्रिया के आधार पर उसके रखरखाव को आऊटसोर्स करने के बारे में सोचा जाएगा। अभी प्रवेश शुल्क वयस्कों के लिए 50 रूपए और बच्चों (3-12 साल) के लिए 25 रूपए हैं।

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