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इंसानों के बाद यूपी के वारणासी में बनाये जा रहे कुत्तों के आई कार्ड, जानिए क्या है वजह

कुत्तों की बढती संख्या को रोकने के लिए नगर निगम ने यह कदम उठाया है। इसके तहत पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कर उनके मालिक को एक आईडी नंबर दिया जाएगा।

इंसानों के बाद यूपी के वारणासी में बनाये जा रहे कुत्तों के आई कार्ड, जानिए क्या है वजह
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आप ने अब तक इंसानों का आई कार्ड बनते देखा और सुना होगा। अगर आप से कोई कहे कि कुत्ते का आई कार्ड बनेगा तो आप शायद ही विश्वास करें, लेकिन अब आप को इस पर विश्वास करना पडेगा। इसकी वजह उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नगर निगम द्वारा ऐसी ही मुहिम शुरू करना है। जिसके तहत कुत्तों के भी आईकार्ड बनाये जाएंगे। जिनके आधार पर उनकी पहचान हो सकेगी।


इस वजह से कुत्तों के बनाये जाएंगे आईकार्ड

यूपी के वाराणसी नगर आयुक्त गौरांग राठी के अनुसार, नगर निगम की तरफ से शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी का काम पहले से चल रहा है। उन्होंने बताया कि कुत्तों की संख्या ज्यादा होने की वजह से नसबंदी की जा रही है। ऐसे में किसी पालतू कुत्ते की नसबंदी न हो, इसके लिए पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। कुत्तों के रजिस्ट्रेशन के लिए एक सॉफ्टवेयर बनाया गया है। जिसमें कुत्ते की सारी पहचान भरकर आई कार्ड जारी किया जाएगा।


आई कार्ड के लिए देनी होगी यह जानकारी और चार्ज

नगर निगत कुत्तों के रजिस्ट्रेशन के पैसे उसके मालिक से लेगा। पालतू कुत्ते के रजिस्ट्रेशन के लिए उसकी नसल, उम्र, नाम और मालिक को अपना पूरा पता देना होगा। यह पूरी जानकारी एक सॉफ्टवेयर में अपलोड की जाएगी। जिसका पालतू कुत्ते के मालिक से 200 रुपये चार्ज भी लिया जाएगा। इसी के बाद एक अलग आईडी नंबर जारी किया जाएगा।

कुत्तों की बढती संख्या को रोकने के लिए उठाया गया यह कदम

नगर निगम अधिकारियों ने जिले में कुत्तों के रजिस्ट्रेशन कराने के पीछे उनकी बढती संख्या बताई। दरअसल वाराणसी में बंदरों की संख्या काफी बढ़ गई है। जिससे लोग परेशान है। इसी तरह कुत्तों की संख्या न बढे इसे पर रोक लगाने के लिए कुत्तों की नसबंदी और रजिस्ट्रेशन कराने का अभियान शुरू किया गया है।

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