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ब्रिटिश राज के दौरान भारत में लागू होते थे ये अजीबो-गरीब कानून, जो कर देगा आपके दिमाग की दही

विमान के निर्माण, कब्जे, उपयोग, संचालन, बिक्री, आयात और निर्यात पर नियंत्रण के लिए ये कानून बना था।

ब्रिटिश राज के दौरान भारत में लागू होते थे ये अजीबो-गरीब कानून, जो कर देगा आपके दिमाग की दही
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ब्रिटिश राज के समय भारत में कुछ ऐसे कानून लागू हुए थे जिनके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। इनमें से कुछ कानून अभी भी जारी है और कुछ को सरकार ने हटा दिया है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि कौन से थे वो कानून।

1. इंडियन मोटर वेहिकल एक्ट 1914- इस एक्ट के तहत अगर किसी को आंध्र प्रदेश में बतौर मोटर वेहिकल इंस्पेक्टर की नौकरी करनी है तो उसे हर सुबह दांत मंजन करके ऑफिस आना जरूरी था। इस कानून के तहत कई इंस्पेक्टर को इस वजह से हटा दिया गया क्योंकि उनके चिपटे तलुए थे, पीजन चेस्ट था और मुड़े हुए घुटने थे। इस कानून को अब हटा दिया गया है।
2. इंडियन पीनल कोड का सेक्शन 497- यह 1860 में लागू हुआ था, एक आदमी ने एक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं जिस बारे में उस महिला के पति को न पता हो तो उस आदमी पर व्यभिचार का आरोप लगेगा। गौरतलब है कि स्त्री को शारीरिक संबंध बनाने की कोई सजा नहीं मिलेगी। यह कानून अभी भी चल रहा है।
3. इंडियन एयरक्राफ्ट एक्ट 1934- विमान के निर्माण, कब्जे, उपयोग, संचालन, बिक्री, आयात और निर्यात पर नियंत्रण के लिए ये कानून बना था। इस कानून के तहत विमानों में गुब्बारे और पतंगे भी शामिल थे। इसलिए, विमान के दुर्घटनाओं के लिए लागू होने वाले नियम और विमानों को खरीदने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने जैसे अधिनियम के सभी प्रावधान पतंगों और गुब्बारों पर भी लागू होते थे। यह एक्ट अब हटा दिया गया है।
4.इंडियन ट्रेजर ट्रोव एक्ट 1878- इस एक्ट के तहत ट्रेजर की परिभाषा के तहत ऐसी चीजों को रखा गया है जो मिट्टी के अंदर छुपी हों और उनकी कीमत 10 रुपए की हो या उससे ज्यादा हो। आज के जमाने में भले ही 10 रुपए की कोई कीमत न हो लेकिन तब अगर 10 रुपए या उससे ज्यादा की चीज मिलती थी तो उसे स्थानीय ऑफिसर को देना पड़ता था। इस कानून को पुरातात्विक और ऐतिहासिक उद्देश्यों के संरक्षण और गलती से पाई गई संपत्ति का कानूनी निपटारा करने के लिए बनाया गया था। अब इस कानून को हटा दिया गया है।
5. सराय एक्ट 1867- इस कानून के तहत सराय के रखवाले और होटल के मालिकों को आनेजाने वालों को पीने का पानी देना पड़ता था। होटल और सराय के उचित संचालन और क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए ये कानून लाया गया था। यह एक्ट अभी भी जारी है। हर होटल अब राज्य के कानून के तहत आता है। हालांकि पुलिस कुछ होटल के मालिको को डराने के लिए अभी भी इसका इस्तेमाल करती है।

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