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8 बच्चों ने बनाया पानी पिलाने वाला रोबोट

अंधेरी में न्यू लिंक रोड पर गुरुवार को राहगीर उस वक्त हैरान रह गए जब उन्होंने 6 पहियों पर चलते, सिर और गर्दन वाले रोबोट को देखा। नीली एलईडी की आंखों वाला यह रोबॉट सिर्फ देखने में कूल नहीं है बल्कि तपती गर्मी में लोगों को ठंडा पानी भी पिला रहा है।

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अंधेरी में न्यू लिंक रोड पर गुरुवार को राहगीर उस वक्त हैरान रह गए जब उन्होंने 6 पहियों पर चलते, सिर और गर्दन वाले रोबोट को देखा। नीली एलईडी की आंखों वाला यह रोबॉट सिर्फ देखने में कूल नहीं है बल्कि तपती गर्मी में लोगों को ठंडा पानी भी पिला रहा है।

आपको सिर्फ 'ओपन' पर प्रेस करना है और पानी की बोतल आपके हाथों में। दिलचस्प बात यह है कि इस रोबॉट को बनाया है 12-15 साल के बच्चों ने। अंधेरी की एसपी रोबॉटिक्स मेकर्स लैब में इन 8 बच्चों को ट्रेनिंग दी गई।

खुशी चौधरी, दिशा भरवड़ा, ईशान कामथ, सिद्धांत रे, अदित गांधी, आदित्य गोयल, मुदित जैन और ह्यूजपस मरफतिया ने एक महीने के अंदर हॉबी रोबॉटिक्स क्लास में 'जैस्पर' नाम के रोबॉट को बनाया है।

एसपी रोबॉटिक्स में मेंटर आनंद मुठरिया का कहना है, आपने अमेरिका के डिलिवरी बॉट के बारे में सुना होगा। अब वे दिन जा चुके हैं जब अमेरिका से यहां टेक्नॉलजी आने में कई साल लग जाते थे। हमारे स्टूडेंट्स ने अभी यहीं कुछ करने का फैसला किया।

एक बार में ले जा सकता है 50 बोतलें

जैस्पर ऐंड्रॉयड ऐप से चलने वाला रोबॉट है। यह एक बार में 50 पानी की बोतलें ले जा सकता है। स्टूडेंट्स इसे व्यस्त जगह पर ले जाते हैं और खुद किनारे बैठकर इसे ऑपरेट करते हैं। इसमें वॉइस मॉड्यूलेशन सिस्टम है जो आसपास के लोगों को हाइड्रेट रहने की सलाह देता है।

आदित्य गोयल ने बताया कि उन लोगों ने रोबॉटिक्स, ब्लूटूथ कन्फिगरेशन और कोडिंग के कॉनसेप्ट्स सीखे और रोबॉट बनाने में उनका इस्तेमाल किया। ये स्टूडेंट्स इस बारे में रीसचर्च कर रहे हैं कि कैसे इसमें अल्ट्रसॉनिक सेंसर, जीपीएस, कैमरा वगैरह लगाकर इसे ऑटोमैटिक बनाया जाए।

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