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अब धर्म के नाम पर नहीं होंगे दंगे, दंगाइयों का हो सकेगा ''इलाज''!

दुनिया भर के न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि धर्म के नाम पर अब लोगों के बीच लड़ाइयां नहीं होंगी।

अब धर्म के नाम पर नहीं होंगे दंगे, दंगाइयों का हो सकेगा इलाज!
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दुनिया के विकसित देशों में भले ही धर्म के नाम पर किसी को उकसाना आसान न हो लेकिन आज भी कई ऐसे देश हैं जहां पर धर्म के नाम पर लोगों को भड़का पर आपस में लड़ा दिया जाता है। धर्म के नाम पर ही पूरी दुनिया में कट्टरपंथी आतंक बरपाते हैं। लेकिन अब धर्म के नाम पर संचालित होने वाले लोगों को ऐसा करने से रोका जा सकता है। न्यूरोलॉजिस्ट्स का कहना है कि ऐसे कट्टरपंथियों का इलाज मानसिक रोगियों की तरह किया जा सकता है। दुनिया की जानी मानी न्‍यूरोसाइंस एक्‍सपर्ट और ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता लेखिका कैथलीन टॉयलर का दावा है कि जल्द ही धार्मिक कट्टरपंथियों का मानसिक बीमारों की तरह इलाज हो सकता है। टॉयलर का दावा है कि ऐसे लोगों का इलाज मानसिक रोगियों की तरह किया जा सकता है। कैथलीन ने यह बात हेय लिट्ररी फेस्टिवल में अपने प्रेजेंटेशन के दौरान की। उन्‍होंने वेल्‍स में आयोजित इस फेस्टिवल में ब्रेन रिसर्च पर प्रेजेंटेशन दिया था।

न्‍यूरोसाइंस के भविष्‍य के एक सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा, ''आने वाले वक्‍त में जिस तरह लोगों का इलाज किया जाता है, वैसे ही अलग-अलग मतों में यकीन करने वालों का भी इलाज किया जा सकेगा।'' उन्‍होंने कहा कि जो लोग किसी पंथ या मत को लेकर कट्टर होते हैं, उनका हम मानसिक बीमारों की तरह इलाज कर सकते हैं। काफी हद तक यह सकारात्‍मक रहेगा। क्‍योंकि इससे हमारे समाज को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्‍होंने तो यहां तक कहा कि न केवल धार्मिक कट्टरपंथी सोच रखने वालों, बल्कि बच्‍चों या महिलाओं की पिटाई को जायज सोचने वालों तक का इलाज किया जा सकता है और उन्‍हें इस सोच से मुक्ति दिलाई जा सकती है।

इस समय एशिया के भारत, पाकिस्‍तान, बांग्लादेश के अलावा अमेरिका और ब्रिटेन भी में धार्मिक कट्टरता के नाम पर आए दिन हिंसा होती रहती है। यदि ऐसे कट्टरपंथियों का इलाज सही में संभव हो सका तो यह मेडिकल साइंस की दुनिया में एक बड़ी क्रांति होगी।

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