Top

रियल लाइफ ''थ्री इडियट्स'' की मदद से ट्रेन में गूंजी किलकारी

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Mar 4 2019 8:58PM IST
रियल लाइफ ''थ्री इडियट्स'' की मदद से ट्रेन में गूंजी किलकारी
आमिर खान के लीड रोल वाली फिल्म थ्री इडियट्स का वह सीन सभी को याद होगा ही जब तीन इंजीनियर लड़के कॉलेज के प्रिसिंपल की बेटी की डिलिवरी कराते हैं। वह रील लाइफ थी। लेकिन ऐसा ही एक मामला रियल लाइफ में भी देखने को मिला है।
 
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में चलती ट्रेन में तीन युवकों ने एक महिला का सफल प्रसव करा दिया। मामला रविवार का है। जब अगरतला-हबीबगंज एक्सप्रेस में दर्द से कराह रही गर्भवती महिला की ओर लोगों का ध्यान गया।
 
पहले महिला के प्रसव के लिए डॉक्टर की तलाश हुई लेकिन जब नहीं मिला तो। मदद के लिए मोहम्मद सोहराब, त्रिभुवन सिंह और सुबेदार गडवा आगे आए, कुछ कपड़ों के इंतजाम कर इन तीनों ने मिलकर सफलतापूर्वक डिलिवरी करा दी। जन्म होने के बाद बच्चे के रोने की आवाज सुनकर कोच में बैठे यात्रियों ने राहत की सांस ली।

रेल गार्ड ने खींच दिए इमर्जेंसी ब्रेक

बच्चे का जन्म होने के बाद अब गर्भनाल हटाई जानी थी लेकिन इसके बारे में किसी को कोई अनुभव न होने के चलते तीनों ने ट्रेन को चेन खींचकर रोकने की कोशिश की। वे ट्रेन को रोकने में कामयाब नहीं हुए तो सोहराब ने मदद के लिए फोन किया।
 
उस दौरान पास में मौजूद रेल गार्ड शंकर प्रसाद नजदीक ही थे, उन्होंने गर्भवती महिला के लिए ट्रेन के इमर्जेंसी ब्रेक खींच दिए। इसके बाद गर्भनाल हटाई गई जो चलती ट्रेन में संभव नहीं हो पा रहा था।

शंकरप्रसाद बोले- मैंने देखा थ्री इडियट्स मेरे सामने ही हैं

वह ट्रेन जिसे तकरीबन 150 किलोमीटर बाद जलपाईगुड़ी स्टेशन पर रुकना था, वह धुपगुड़ी स्टेशन में प्रवेश करने से पहले ही थम गई। मामले की जानकारी आरपीएफ इन्स्पेक्टर और स्टेशन मास्टर को पहले ही दी जा चुकी थी।
 
उन्होंने, पास के ही क्षेत्र से एक स्थानीय डॉक्टर को मदद के लिए बुला लिया था। डॉक्टर गर्भवती महिला के पास पहुंचा और गर्भनाल अलग कर दी। इसके बाद मां और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया गया।
 
गर्भवती महिला की डिलिवरी और दोनों के इलाज के चक्कर में ट्रेन तकरीबन एक घंटा लेट हो गई। गार्ड शंकरप्रसाद कहते हैं, 'बच्चे के जन्म से हम कतई समझौता नहीं कर सकते। मैंने देखा कि तीन इडियट्स मेरे सामने हैं।'

'क्या बोले मददगार'

सोहराब कहते हैं, 'मैं नहीं जानता कि वह महिला कौन थी और न ही जानना चाहता हूं। वह बच्चे को जन्म देने की अवस्था में थी। उसकी हालत बिगड़ रही थी, जिसकी वजह से यह जरूरी था। वहां पर मौजूद किसी को भी कोई अनुभव नहीं था लेकिन उसकी जान बचाने के लिए किसी को कुछ करना था।' त्रिभुवन कहते हैं, 'हमने इंसान होने के नाते महिला की मदद की।'

ADS

ADS

(हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं )
real life three idiots helps to born a baby in train west bengal

-Tags:#3 ediots#three ediots#Real life three ediots#Real life 3 ediots#baby born in train#west bengal

ADS

मुख्य खबरें
Copyright @ 2017 Haribhoomi. All Right Reserved
Designed & Developed by 4C Plus Logo