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एक साल पहले बच्ची ने निगला था 'एक का सिक्का', लाखों लगे निकलवाने में, माँ से हो गई थी ये भूल...

ये हैरतंगेज मामला काकोरी बेहरू का हैं जहां बजरंग की 7 साल की बेटी पायल को पिछले साल घर आए रिश्तेदार ने विदाई दी थी। घरवालों ने बहला फुसलाकर उससे नोट ले लिया और सिक्के पकड़ा दिए। परिवार के और बच्चो के साथ खेलते हुए बच्ची ने 1 रुपए का सिक्का निगल लिया। सिक्का आहार नली में जाकर फंस गया।

एक साल  पहले बच्ची ने निगला था

उत्तर प्रदेश की राजधानी से एक बेहद आश्चर्य करने वाला मामला सामने आया है। 7 साल की एक बच्ची ने करीब 1 साल पहले एक रुपए का सिक्का निगल लिया था। सिक्का आहार नली में जाकर फंस गया था। केजीएमयू के डॉक्टारों ने बड़ी मसक्कत के बाद पैसा निकालने में कामयाबी पाई।

ये हैरतंगेज मामला काकोरी बेहरू का हैं जहां बजरंग की 7 साल की बेटी पायल को पिछले साल घर आए रिश्तेदार ने विदाई दी थी। घरवालों ने बहला फुसलाकर उससे नोट ले लिया और सिक्के पकड़ा दिए। परिवार के और बच्चो के साथ खेलते हुए बच्ची ने 1 रुपए का सिक्का निगल लिया। सिक्का आहार नली में जाकर फंस गया।

इसे बच्ची की वीरता कहें या परिवार के लोगों से डर, उसने किसी को बताया ही नहीं कि उसने पैसा निगल लिया है। करीब साल भर बीत जाने के बाद पायल के सीने में दर्द उठा और उसने अपनी मां से बताया तो उसे लेकर अस्पताल गए। वहां एक्स-रे में पता चला दर्द सिक्के के कारण हो रहा है जो आहार नाल के निचले हिस्से में फंसा हुआ है।

एक्स-रे की रिपोर्ट देखकर बलरामपुर के डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। फिर बच्ची को ट्रॉमा सेंटर ले गए, वहां से उसे गैस्ट्रोलॉजी विभाग में भेजा गया। वहां गैस्ट्रोलॉजी विभाग के प्रो. सुमित रोगंटा ने सिक्के को बाहर निकाला। इंडोस्कोपी के जरिये जांच किया तो पता चला कि सिक्के फंसे वाले हिस्से में गहरा जख्म हो गया। डॉक्टर ने बच्ची को लिक्विड डाइट पर रखने के निर्देश दिए हैं।

ध्यान रहे

कभी भी बच्चा सिक्का निगल जाए तो उसे कुछ खाने पीने को न दें न ही उसे उल्टी करवाने के लिए किसी विधा का प्रयोग करें। किसी प्रकार कि दवा या सीरप न खिलाए पिलाए। सीधे विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास ले जाए।

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