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हैरतअंगेजः हर 6 महीने के बाद अपना देश बदल लेता है ये द्वीप

दुनिया में एक ऐसा द्वीप भी हैं, जो हर 6 महीने में अपना देश बदल लेता हैं। यह दुनिया का एक मात्र ऐसा द्वीप माना जाता है जो 350 सालों से ऐसा करता आ रहा है।

हैरतअंगेजः हर 6 महीने के बाद अपना देश बदल लेता है ये द्वीप
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हर देशों के पास अपने-अपने द्वीप हैं, जिनको वो अपना कहते हैं। जब भी कोई उन द्वीपों पर दूसरा देश अपना हक जताता है, तो उन देशों के बीच द्वीप को अपना बनाने देश में शामिल करने के चलते युद्ध की स्थिति पैदा हो जाती है।

आपको बता दें कि इस दुनिया में एक ऐसा द्वीप भी हैं, जो हर 6 महीने में अपना देश बदल लेता हैं। यह दुनिया का एक मात्र ऐसा द्वीप माना जाता है जो 350 सालों से ऐसा करता आ रहा है। इस द्वीप पर छह महीने के बाद दूसरा देश शासन करता है।

द्वीप का ऐरिया 3000 वर्ग मीटर

बताया जाता है कि पूरी दुनिया में ऐसे दो देश है, जिनके बीच एक द्वीप को लेकर यह तय किया गया है कि हर छह-छह महीने पर दोनों अपना हक जता सकते हैं। इस द्वीप का ऐरिया 3000 वर्ग मीटर है। जिसको हाल ही में स्पेन में आ गया है, इसके बाद फिर से ये द्वीप फ्रांस को दे दिया जाएगा।

यह सीमा का आखिरी द्वीप

दरअसल हेंडेई का फांसीसी बास्क बीच रिसॉर्ट स्पेन देश रेतीली भूमि वाला है, फ्रांस की सीमा का आखिरी शहर माना जाता है। यहां के स्थानिय लोगों का कहना है कि स्पेन का ऐसा ऐतिहासिक शहर है जो होन्डारिबिया और विशाल इरुन हैं। यह द्वीप बिदासो नदीं स्पेन और फ्रांस को अलग करती है। इसके शुरुआत में फैसेंस का द्वीप है,जो हर छह महीने के बाद इन दोनों देशों के पास आ जाता है।

द्वीप को तीन महीने तक बातचीत चली थी

इस द्वीप के लिए फ्रांस और स्पेन के बीच लंबी लड़ाई लड़ी गई और फिर दोनों के बीच इसे लेकर 3 महीने की लंबी बातचीत चली। इसका कारण ये था कि इसे तटस्थ क्षेत्र माना जाता है। दोनों देशों की ओर से लकड़ी का पुल तैयार किया गया और दोनों देशों की सेनाएं खड़ी हुई।

समझौते के साथ हुआ था हस्ताक्षर होगी अदलाबदली

इस लंबी बातचीत के दौरान शांति पूर्ण तरीके से समझौते के साथ हस्ताक्षर कर लिया गया था। इसके बाद पाइनीस संधि से इसकी पहचान की जाने लगी। कहा गया कि संधि में जो समझौता हुआ था, उसमें दोनों देशों में अदलाबदली करने पर सहमति हुई, जो अब तक चली आ रही है।

इसके साथ ही यह द्वीप दोनों देशों के बीच बंट गया जिसके बाद से इसे हर 6 महीने के लिए शेयर किया जाता है। यह द्वीप अब 1 फरवरी से 31 जुलाई तक यह स्पेन के पास रहता है और उसके बाद 6 महीनों के लिए इस पर फ्रांस की मिलकियत रहती है।

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