logo
Breaking

खिलौने का हवाई जहाज चढ़ाने से पूरी होती है विदेश जाने की अरदास, ऐसा निराला है ये गुरुद्वारा

भारत धर्म-अध्यात्म को मानने वालों का देश हैं। यहां धर्म के नाम पर अनेकों ऐसे काम होते हैं। जिन पर यकीन कर पाना लगभग नामुमकिन हैं। इन्हीं अतरंगों में से एक हैं जालंधर का बाबा निहाल सिंह का गुरुद्वारा।

खिलौने का हवाई जहाज चढ़ाने से पूरी होती है विदेश जाने की अरदास, ऐसा निराला है ये गुरुद्वारा

(Shaheed Baba Nihal Singh Gurudwara) शहीद बाबा निहाल सिंह गुरुद्वारा

भारत धर्म-अध्यात्म को मानने वालों का देश हैं। यहां धर्म के नाम पर अनेकों ऐसे काम होते हैं। जिन पर यकीन कर पाना लगभग नामुमकिन हैं। इन्हीं अतरंगों में से एक हैं जालंधर का बाबा निहाल सिंह का गुरुद्वारा। आप सोच रहे होंगे कि गुरुदवारे में आखिर ऐसा क्या अजब-गजब होता हैं जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे।

तो हम आपको बता दें कि दरअसल जलंधर का ये गुरुद्वारा बाबा निहाल सिंह का हैं। ये गुरुद्वारा 150 साल पुराना है। इस गुरुद्वारे में भी अन्य गुरुद्वारे की तरह भक्त नित्य आ पाठ-नित्त नेम आदि करते हैं। लेकिन जो बात इस गुरुद्वारे को अनूठा बनाती हैं वो ये कि यहां आने वाले श्रद्धालु बाबा निहाल सिंह को हवाई जहाज चढ़ाते हैं। जी हां, आपने सही पढ़ा हवाई जहाज।

दरअसल इस गुरुद्वारे कि ये मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु बाबा निहाल सिंह को खिलौने का हवाई जहाज चढ़ाते है। उनकी वीजा, पासपोर्ट और विदेश जाने की अरदासें पूरी होती हैं। माना जाता है कि हर महीने तकरीबन 1000 हवाई जहाज इस गुरुद्वारे में चढ़ाएं जाते हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर बाद में इतने हवाई जहाजों का गुरुद्वारा क्या करता होगा? तो जान लिजिए कि गुरुद्वारे में आने वाले सभी हवाई जहाजों को महीने के अंत में बच्चों को बांट दिया जाता है।

Share it
Top