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खुलासा: इन कारणों से धरती पर 2018 में आएंगे बड़े और भयानक भूकंप

रिसर्च में यह नहीं बताया गया है अगले साल आने वाले ये भूकंप किन क्षेत्रों में और किन स्थानों में आएंगे।

खुलासा: इन कारणों से धरती पर 2018 में आएंगे बड़े और भयानक भूकंप
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धरती पर भूकंप का खतरा दिन ब दिन बढ़ रहा है। इस बात का खुलासा यूनिवर्सिटी की रिसर्च में हुआ है। विश्वविद्यालयों के रिसर्चर्स ने चेतावनी दी है। अगले साल पृथ्वी पर कई बड़े और भयानक भूकंप आएंगे।

वैज्ञानिकों ने भूकंप आने का कारण पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने की स्पीड के लगातार कम होने को बताया है। रिसर्च में कहा गया है कि धरती प्रति दिन कुछ मिली सेकंड की गति से कम रोटेड हो रही है।

इसके कारण उसके गर्भ में छिपी भूगर्भिक ऊर्जा तेजी से बाहर आएगी जिससे भूकंप आ सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि रोटेशन और भूगर्भिक ऊर्जा के निकलने में सीधा संबंध है।

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फिलहाल मौजूद तकनीक के आधार पर भूकंप से जुड़े खतरों के लिए 5 या 6 साल पहले चेतावनी दी जा सकती है और दिन की लंबाई इस बारे में अहम भूमिका निभा सकती है।

इसके जरिए डिजास्टर प्लानिंग की जा सकती है। हालांकि, रिसर्च में साफ तौर पर यह नहीं बताया गया है कि वैज्ञानिक अगले साल से जिन भूकंपों के आने की बात कह रहे हैं वे किन क्षेत्रों में और किन स्थानों में आएंगे।

पिछली सदी के आंड़कों पर अंदाजा

रेबेका और रोजर ने कहा कि पिछली सदी में 5 बार ऐसा हुआ जब 7 तीव्रता के भूकंप आए। दोनों वैज्ञानिकों ने इस शोध के लिए 1900 के बाद आए 7 से ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंपों की प्रकृति को समझा और अपनी परिकल्पना तैयार की।

हर बार इन भूकंप का संबंध पृथ्वी के घूमने की रफ्तार से जुड़ा पाया गया। हालांकि, कई बार छोटे दिन होने पर इनमें कमी भी देखी गई। इन वैज्ञानिकाें के मुताबिक, पृथ्वी के किनारों (Earth's core) में होने वाले छोटे बदलाव भी भूकंप से जुड़े हो सकते हैं।

दो यूनिवर्सिटीज का रिसर्च

यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो के रोजर बिल्हम और यूनिवर्सिटी ऑफ मोंटाना की रेबेका बेंडिक ने रिसर्च किया है।

जियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ अमेरिका को पूरी डिटेल भेज दी गई है। वैज्ञानिकों ने कहा कि पृथ्वी के घूमने की रफ्तार में कमी के चलते अंडरग्राउंड एनर्जी को बाहर आने मदद मिलेगी।

क्या है रोटेशन

पृथ्वी सौरमंडल में अपनी निधारित धुरी पर सदैव पश्चिम से पूर्व को घूमती रहती है। पृथ्वी की इसी गति को रोटेशन यानि घूर्णन अथवा आवर्तन गति कहा जाता है। पृथ्वी अपनी गति पर जब एक पूरा चक्कर लगा लेती है तो एक 24घंटे का समय हो जाता है। इसी से इस गति को दैनिक गति भी कहते हैं।

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