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इस आदमी ने घर में ही बनाया चिड़ियाघर, तस्वीरें देखने के बाद भी नहीं होगा यकीन

छत्तीसगढ़ के धमरी जिले के एक गांव में आज एक मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने छापा मारकर ग्रामीण के घर से कई जंगली जानवरों को बरामद किया है।

इस आदमी ने घर में ही बनाया चिड़ियाघर, तस्वीरें देखने के बाद भी नहीं होगा यकीनchhattisgarh man built zoo in the house watch amazing pictures

छत्तीसगढ़ के धमरी जिले के एक गांव में आज एक मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम ने छापा मारकर ग्रामीण के घर से कई जंगली जानवरों को बरामद किया है। जिनमें हिरण के दो बच्चे, कोटरी, दो सियार, दो अजगर और छह तोते शामिल हैं। ग्रामीण का नाम हंसराज देव बताया गया है। इस शख्स ने इन जानवरों को पिंजरे में रखा हुआ था।

बता दें वन विभाग की टीम ने धमरी जिले के रतावा गांव में छापेमारी की। टीम के द्वारा पूछताछ करने पर हंसराज देव ने बताया कि वह प्राइवेट चिड़ियाघर संचालित करता है। इस दौरान ग्रामीण ने पशुओं की बिमारी के इलाज की बात कही और उसने टीम को वन्य जीव संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति ग्राम रतावा के नाम से संचालित चिड़ियाघर के दस्तावेज भी दिखाए।


खबर है कि वन विभाग की टीम ने उसके पास से कई दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। हालांकि टीम ने पूछताछ करने के बाद हंसराज देव का छोड़ दिया है। लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिरगुडी रेंजर सोनेसिंह सोरी ने कहा है कि लगभग दो साल पहले हंसराज देव के पास से बड़ी संख्या में वन्य प्राणी जब्त किए गए थे।


वन्य प्राणी को कैद करने पर सजा

जानकारी के लिए आपको बता दें कि वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत अगर कोई भी शख्स किसी भी वन्य प्राणी को कैद में रखता है। या फिर किसी वन्य प्राणी को मार देता है तो उस शख्स को दो से सात साल की सजा हो सकती है।

चीता, भालू, शेर, हिरण, कोटरी और सांप को वाइल्ड लाइफ एक्ट 1991 के अनुसार शेड्यूल-1 में रखा गया है। इन वन्य प्राणियों को कई संस्था या व्यक्ति कैद करके नहीं रख सकता। अगर को ऐसा करता हुए पाया जाता है तो उसे डायरेक्ट गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में केस दाखिल करने का नियम है।

प्राइवेट व्यक्ति या संस्था निजी चिड़ियाघर नहीं बना सकता

वन विभाग के अधिकारियों के मुातबिक कोई भी निजी व्यक्ति या संस्था प्राइवेट (निजी) चिड़ियाघर नहीं बना सकता है। चिड़ियाघर खोलने के लिए राज्य सरकारों को भी सेंट्रल जू अथॉरिटी से चिड़ियाघर खोलने की इजाजत लेनी होती है। लेकिन सेंट्रल जू अथॉरिटी के कुछ नियम होते हैं, जब राज्य सरकार उन नियम को पूरा कर लेती हैं तभी उन्हें चिड़ियघर खोलने की अनुमति मिलती है।

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