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लाश के साथ 6 महीने तक कमरे में ये करता रहा युवक, जानकर कांप जाएगी रूह

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Nov 27 2018 6:43PM IST
लाश के साथ 6 महीने तक कमरे में ये करता रहा युवक, जानकर कांप जाएगी रूह

झारखंड के गिरिडीह शहर में एक शख्स 6 महीने तक अपने पिता की लाश के साथ कमरे में रहता रहा। वह अपने पिता को जिंदा करने की तमाम कोशिशें करता रहा।

मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब पड़ोसियों ने तेज बदबू की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है। अब उससे पूछताछ की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है इसी साल जनवरी में ही मृतक विश्वनाथ की तबीयत खराब होने की जानकारी उन्हें मिली थी। इसके बाद से किसी ने विश्वनाथ को नहीं देखा था।

जब भी उसके घरवालों से विश्वनाथ के संबंध में पूछताछ की जाती तो घरवाले कहते थे कि उनका इलाज चेन्नई के अस्पताल में चल रहा है। पड़ोसियों ने कहा कि 6 महीने से विश्वनाथ के घर से लगातार दुर्गंध आ रही थी।

जिसकी वजह से उन्हें अगरबत्ती जलानी पड़ी थी। लोगों का कहना था कि उन्हें शक तो था कि विश्वनाथ प्रसाद अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं मिल रहा था। पुलिस के मुताबिक प्रशांत लगभग 6 महीनों से अपने पिता विश्वनाथ की डेड बॉडी को अपने घर में रखे हुए था।

अगरबत्ती और फ्रेशनर्स का छिड़काव

मृतक विश्वनाथ का घर गिरिडीह की इंदिरा कॉलोनी में है। विश्वनाथ की बेटी ममता बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। घर के बाहर के कमरे में बच्चों को पढाया जाता था। बच्चे जब घर से दुर्गंध आने की बात कहते तो ममता और घर के दूसरे सदस्य अगरबत्ती जलाते या फिर रूम फ्रेशनर छिड़क देते।

डेड बॉडी पर केमिकल

आरोपी प्रशांत की बहन ममता सिन्हा का कहना है कि उसके पिता की मौत कहां हुई, और कैसे इसकी जानकारी उसे नहीं है। ममता का दावा है कि दो दिन पहले ही शव को घर लाया गया था और केमिकल डालकर रखा गया था।

कई माह से घर के अंदर से बदबू आने के सवाल पर ममता कुछ भी बता नहीं सकी। उसने कहा कि उसका भाई कहता था कि वह पिता को जीवित कर देगा।

लाश को जिंदा करने का दावा

मृतक की पत्नी अनु कुमारी सिन्हा का कहना है कि पति की मौत होने के बाद उसका बेटा बार-बार कहता था कि वह अपने पिता को जीवित कर देगा। जब उसके घर के लोग इसकी सूचना मुहल्ले के लोगों को देने की बात करते थे तो प्रशांत उनके साथ मारपीट भी करने लगता।

अनु कहती है कि उसे डर था कि पति की मौत के बाद उसका बेटा भी कहीं आत्महत्या नहीं कर ले। इसलिए उसने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। हालांकि अनु यह भी कहती है कि मौत के कई माह तक शव को लेकर प्रशांत घर नहीं आया था।

पिता से था गहरा लगाव

विश्वनाथ के पुत्र और आरोपी प्रशांत का कहना है कि उसे पता था कि उसके पिता मर चुके हैं, लेकिन याद रखने के लिए उन्होंने अपने पिता के शव को रखा था। प्रशांत का कहना है कि वह पूजा करता था लेकिन अब पूजा नहीं करता। उसका कहना है कि उसे अपने पापा से बहुत प्रेम था और वह अपने पापा के बगैर नहीं रह सकता है।

तंत्र-मंत्र से रिश्ता

गिरिडीह पुलिस ने विश्वनाथ के घर से एक बोर्ड बरामद किया है। बोर्ड में बड़े शब्दों में यूएफयू लिखा हुआ है। बोर्ड में रांची, धनबाद, गिरिडीह शहर का नाम लिखा हुआ है।

इसके अलावा कालीबाजी, मारी मरवाई जैसे शब्द भी लिखे हुए हैं। वहीं एक स्थान पर जादू ही जादू तो एक स्थान पर 'जो यूएफयू अरबों सालों में कोई नहीं कर सका वह कर दिखाएगा' लिखा है।

इसके अलावा बोर्ड में श्मशान का भी जिक्र है। पुलिस ने प्रशांत के घर से केमिकल की कुछ बोतलें भी बरामद की है। फिलहाल पूरे मामले की छानबीन जारी है।


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boy wants to alive his dead father since 6 months from his death in jharkhand

-Tags:#महीने#युवक##जानकर#जाएगी

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