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यहां लड़की को पहली बार पीरियड्स होने पर करनी पड़ती है केले के पेड़ से शादी, जानें इसके पीछे की सच्चाई

यूं तो हर धर्म में लड़कियों के पीरियड्स को अलग अलग नजरिये से देखा जाता हैं। कई लोग इसे सामान्य प्रक्रिया समझते हैं तो कई लोग इसे एक गंदी चीज के तौर पर देखते हैं।

यहां लड़की को पहली बार पीरियड्स होने पर करनी पड़ती है केले के पेड़ से शादी, जानें इसके पीछे की सच्चाई
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यूं तो हर धर्म में लड़कियों के पीरियड्स को अलग अलग नजरिये से देखा जाता हैं। कई लोग इसे सामान्य प्रक्रिया समझते हैं तो कई लोग इसे एक गंदी चीज के तौर पर देखते हैं।
पीरियड्स को लेकर हर धर्म में अलग तरीके की परंपरा बना रखी है, जैसे कि पीरियड्स के दिनों में मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकते, कई जगह पर लोग कीचन में नहीं जाने देतें।
कुछ लोग पीरियड्स के दौरान लड़कियों को किसी धार्मिक पूजा- पाठ में शामिल नहीं करते उनका मानना होता हैं कि लड़कियां पीरियड्स के दौरान अशुद्ध होती हैं। चलों ये सारी चीजें तो हम ज्यादातर जगह पर देखते ही आ रहे थे।
लेकिन अब पीरियड्स को लेकर एक बहुत ही हैरतअंगेज कर देने वाली परंपरा सामने आई है। असम के बोगांइगांव जिले के सोलमारी में लड़कियों को जब फर्स्ट टाइम पीरियड्स होते है तो उनकी शादी एक केले के पेड़ के साथ कराई जाती है।
बता दें इस शादी को 'तोलिनी ब्याह' कहा जाता है और यह शादी बहुत ही धूम-धाम से कराई जाती है। पीरियड्स के पहले दिन से ही 'तोलिनी ब्याह' की शुरुआत हो जाती है। लडक़ी को इस दौरान सूर्य की रोशनी से बचाकर रखा जाता है।
इस शादी के दौरान लड़की को खाने में सिर्फ फल और कच्चा दूध दिया जाता है। इस 'तोलिनी ब्याह' को पहली शादी भी कहा जाता है। बताया जाता है कि इस परंपरा के मुताबिक शादी कराने के बाद लड़की की सही उम्र में शादी कराई हो जाती है।

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