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REPORT मनुष्य की तरह जानवर भी जीवन से निराश होकर करते हैं खुदकुशी

रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार मनुष्य की तरह जनावर और पक्षी भी अपने जीवन से निराश होकर आत्महत्या कर लेते हैं, एक रिसर्च में पता चला है कि बदलते दौर में इंसान तो आत्महत्या कर रहे हैं पर जानवरों में भी इसकी भावना बढ़ रही है।

REPORT मनुष्य की तरह जानवर भी जीवन से निराश होकर करते हैं खुदकुशी
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animal suicide bridge Scotland Report

आज हम जानवरों से जुड़ी एक हैरान करने वाली बात आपको बता रहा हैं। यह सुनाकर आपको अजीब तो लगेगी और इसपर आप शायद जल्दी विश्वास न कर पाएं। मगर यह बिल्कुल सच है। एक रिपोर्ट्स में मालूम हुआ है कि मनुष्य की तरह जनावर और पक्षी भी अपने जीवन से निराश होकर आत्महत्या कर लेते हैं। एक रिसर्च में पता चला है कि बदलते दौर में इंसान तो आत्महत्या कर रहे हैं पर जानवरों में भी इसकी भावना बढ़ रही है।

अमेरिका की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में जानवरों में आत्महत्या की करने की संख्या बढ़ी रही है। जनवरों की आत्महत्या को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है उनका आत्महत्या करना भी उनके व्यवहार का एक पार्ट होता है। रिसर्च में सामने आया है कि आत्महत्या करने वाले जानवरों में सबसे अधिक संख्या मैमल्स की होती है।


तुर्की में साल 2005 में चरवाहों ने ब्रेकफास्ट के दौरान भेड़ों को छोड़ दिया था इस दौरान लगभग 1500 भेड़ों ने पहाड़ी से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया था। इनमें से 500 भेड़ों की मौत हो गई थी। वही कुछ भेड़ों को बचा लिया गया था।

स्विट्जरलैंड में साल 2009 में एक पहाड़ी से 28 गाय और बैल ने कूदकर अपनी जान दे दी थी। आत्महत्या की यह तीन दिन की संख्या है। वहीं स्थानीय लोगों के मुातबिक जानवरों के आत्महत्या करने के पीछे तूफ़ानों का भयंकर गर्जना इसका कारण है। यही पशुओं आत्महत्या करने के लिए उकसाती है।

कैथी नाम की एक डॉल्फिन ने 1960 के एक टीवी शो फ्लिपर में जान दे दी थी। 40 साल पहले डॉल्फिन ट्रेनर रिचर्ड ओबराय ने देखा ने इस घटना का खुद अपनी आंखों से देखा था। बताया जाता है कि डॉल्फ़िंस मनुष्य की तरह सांस नहीं लेती। उन्हें हर सांस लेने के लिए कोशिश करनी पड़ती है। इस दौरान व अपनी सांस को रोकर जान दे सकती है। डॉल्फिन ट्रेनर रिचर्ड ओबराय का कहना है कि कैथी डॉल्फिन बहुत उदास थी वे मेरे पास आई मेरी आंखों मे देखा और एक सांस ली, दूसरी नहीं ली।

चीन के सेनमेक्सिया के लेक पार्क में एक हंस की मौत हो गई थी। जिसके बाद उस हंस के बच्चे आत्महत्या कर ली, यह आत्महत्या की कैमरे में कैद हो गई थी। फोटों में साफ दिख रहा था कि हंस ने जानबूझकर अपना सिर पानी में डुबाये रखा, जिससे उसकी मौत हो गई। यह तस्वीर चीन की एक महीला ने ली थी। उसने बताया कि वह हंस का बच्चा हुत परेशान होता हुआ फटक रहा था।

सन 1845 में इलैस्ट्रेटेड लंदन न्यूज ने रिपोर्ट दी थी एक न्यूफाउंडलैंड प्रजाति के काले कुत्ते ने पानी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। जब पहली बार कुत्ते ने पानी में छलाई लगाई तो उसे बचा लिया गया। इसके बाद, फिर कूद गया ऐसा कई बार हुआ। आखिरकार एक बार फिर कुत्ते ने पानी में छलांग लगाई और अपना सिर जानबूझकर पानी में डुबाए रखा। इस बार उसकी मौत हो गई।


स्कॉटलैंड में एक 50 फुट का पुल है, जहां से बिना किसी वजह के 600 से ज्यादा कुत्ते ने कूदे थे जिनमें से 50 की जान चली गई। इस वाकये से वैज्ञानिक भी हैरान हैं कि ये कुत्ते ऐसा क्यों कर रहे हैं।

साल 2011 के नवंबर महीने में एक साथ 61 व्हेल्स न्यूजीलैंड के एक बीच पर आ गईं। जिसमें 43 व्हेल्स की मौत हो गई थी केवल 18 ही बच पाई थी। व्हेल्स ने ऐसा क्यों किया इसका कारण स्पष्ट नहीं है। एक थ्योरी के मुताबिक जब कोई एक व्हेल कुछ ऐसा करती है तो अन्य व्हेल्स भी उसका अनुसरण करती हैं।


कई जीव वैज्ञानिकों का मानना है कि जब कोई सांप घायल या लाचार होता है तो वह आत्महत्या कर लेता है। सांप ज़मीन पर सिर पटक पटकर अपनी जान दे देता है।


असम में मानसून के समय कछार नामक घाटी की तलहटी में कूदकर हजारों पक्षी आत्महत्या कर लेते हैं। इसके रहस्या का पता अभी वैज्ञानिक भी नहीं लगा पाए हैं। चौकाने वाली बात यह है कि यहां पर पक्षी सिर्फ ग्रुप में आत्महत्या करते हैं।

चीन में साल 2012 में एक भालू ने 10 दिनों तक कुछ भी खाया नहीं थी। बताया जाता है कि भालू को जो भी खाने के लिए दिया जाता था उसे व छूता तक नहीं था। एनिमल राइट्स कैंपेनर्स ने दावा किया कि उन्होंने कुछ और भालुओं को पिछले सालों में भालुओं को ऐसा करते देखा गया था।

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