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हैरतअंगेज: 16 साल के ये 4 बच्चे पहुंच गए सीधा 70 की उम्र में

हैरतअंगेज करने वाली खबर ये है कि छत्तीसगढ़ रायपुर में रायसेन के सालेरा गांव में 16 साल के चार बच्चों को प्रोजेरिया बीमारी है जिसकी वजह से वह सीधा 70 की उम्र में पहुंच गए हैं और 80 लाख में किसी एक को होता है प्रोजेरिया।

हैरतअंगेज: 16 साल के ये 4 बच्चे पहुंच गए सीधा 70 की उम्र में
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रायसेन 80 लाख लोगों में से किसी एक को होने वाली बीमारी प्रोजेरिया के रायसेन शहर के नजदीक सालेरा गांव में 4 मरीज हैं। जबकि, रायसेन जिले की कुल आबादी लगभग 13 लाख है। सालेरा गांव की ही आबादी फकत ढाई हजार है। ऐसे में इस बीमारी के ये 4 मरीज चौंकाते हैं। ये बच्चे 6 से 16 साल तक के हैं। इनको देखें तो ये 60 से 70 साल के लगते हैं।

इनके शरीर की हड्डियों ने मांस छोड़ दिया है और त्वचा लटक गई है। चेहरे पर झुर्रियां ऐसी कि ये किसी दूसरे ग्रह से आए एलियन लगते हैं। बचपन से ये सीधे बुढ़ापे में पहुंच गए हैं। मेडिकल साइंस का दावा है कि इस बीमारी के लोग लगभग 21 साल तक ही अपना जीवन चक्र पूरा कर लेते हैं। हालांकि, जिला प्रशासन को इन बच्चों और इनकी इस बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

हरिभूमि ने इस गांव में जाकर इस बच्चों का हाल-चाल जाना। गौर हो कि अमिताभ बच्चन की 2009 में इस बीमारी पर केंद्रित फिल्म पा आई थी।

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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही देखिए

छह साल पहले सिर्फ दो बच्चे ही पीड़ित थे, अब 4 हो गए करीब 6 साल पहले यह केस सामने आए थे। उस समय गांव में सुनीता और राजकुमारी दो ही बच्चे इस बीमारी से पीड़ित थे।

लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते इन बच्चों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। राजकुमारी से दो छोटे भाई बहन भी इसी बीमारी से पीड़ित हो गए। रायसेन बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष संदीप दुबे का कहना है कि पीड़ितों को सरकार से मदद दिलाई जाएगी।

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सरकार उठाएगी इलाज का पूरा खर्च

राज्य बाल अधिकार आयोग ने इस वर्ष प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे को एक दिन के लिए आयोग का अध्यक्ष बनाया था। उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रदेश में यदि कोई भी प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चा है,

तो उसके रहन-सहन से लेकर दवाई तक का खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी। मुझे इसकी जानकारी नही थी जल्द ही चारों पीड़ित बच्चों से मिलने जाऊंगा। -डॉ. राघवेंद्र शर्मा, अध्यक्ष राज्य बाल अधिकार आयोग

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जन्म के कुछ वक्त बाद ही घेर लिया था इस बीमारी ने

गांव के करण सिंह की 16 वर्षीय बेटी सुनीता, रंजीत सिंह की 10 साल की बेटी राजकुमारी, 8 साल की रोशनी और 6 साल का राजकुमार बचपन में ही बुढ़ापे की दहलीज पर पहुंच गए हैं।

सभी बच्चे जन्म के कुछ समय बाद से इस बीमारी से ग्रस्त हो गए। राजकुमारी चलने में असहाय हो गई है, वह सिर्फ घिसट कर चल पाती है। रोशनी को सांस की बीमारी ने घेर लिया है।

6 साल के मासूम राजकुमार का शरीर भी 60 साल के बूढ़े जैसा हो गया है। सुनीता के परिवार में वह अकेली इस बीमारी से पीड़ित है। उसका एक भाई और तीन बहनें सामान्य हैं। वहीं, राजकुमारी से बड़ी एक बहन व भाई भी सामन्य हैं।

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हरिभूमि से ही बीमारी जानकारी में आई

पहली बार इस बीमारी की जानकारी हरिभूमि से ही मिली। हम स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर बच्चों की जांच कराएंगे। साथ ही जो मदद संभव होगी वह कराने का प्रयास किया जाएगा। -श्रीमती भावना बालिम्बे, कलेक्टर, रायसेन

क्या है प्रोजेरिया ?

मेडिकल साइंस में प्रोजेरिया के दुनिया में करीब 100 मामले बताए गए हैं। 53 ज्ञात हैं। इनमें मप्र से 4 और छत्तीसगढ़ से जांजगीर-चांपा के भिलोनी गांव में एक बच्चा है। ये दुर्लभ वंशानुगत रोग है।

इसे हचिंगसन गिल्फोर्ड सिंड्रोम कहते हैं। ये प्रोजेरिन प्रोटीन या लैमिन ए जींस में आकस्मिक बदलाव के कारण होता है। जींस की सक्रियता खत्म हो जाती है और फैट्स का क्षय होने लगता है। त्वचा रोग स्क्लेरोडोमा हो जाता है।

प्रोजेरिया एक वंशानुगत दुर्लभ बीमारी है पर रायसेन के सालेरा गांव में जो चार केस हैं, उनमें पीड़ित बच्चों के बाकी परिजन स्वस्थ्य हैं, हालांकि, 6 साल पहले इसके 2 केस थे, अब 4 हो गए हैं, 80 लाख में किसी एक को होती है ये बीमारी

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