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हैरतअंगेज: दुनिया में कहीं नहीं ऐसी संगमरमर की वादियां

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Mar 14 2018 2:37PM IST
हैरतअंगेज: दुनिया में कहीं नहीं ऐसी संगमरमर की वादियां

हैरतअंगेज कर देने वाली खबर ये है कि भारत देश का मध्य कहलाने वाला मध्य प्रदेश विरासत की स्मृतियों को संजोये रखने तथा प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और प्राचीन सभ्यताओं से परिपूर्ण दार्शनिक स्थल बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहां की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता लोगों को बहुत लुभाती है।

जबलपुर की मार्बल रॉक्स दुनिया में मशहूर हैं क्योंकि संगमरमर के ऐसे पहाड़ दुनिया कहीं और नहीं हैं। यहां से 23 किमी. दूर भेड़ाघाट में अपने अदभुत प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व विख्यात है।

नर्मदा नदी के दोनों ओर दूर तक ऊंची संगमरमर की चट्टानें बहुत सुंदर दिखती हैं। यहां बोटिंग की सुविधा नवंबर से मई तक होती है। यहां धुंआधार फाल्स भी बेहतरीन जगह है।

खजुराहो- मध्य प्रदेश में टूरिस्टों के बीच यह जगह सबसे ज्याद पसंदीदा है। खजुराहो मंदिरों के पत्थरों पर अलग-अलग तरह की कामुक भंगिमाएं उकेरी गई हैं। इन मूर्तियों के रंग दिन की बदलती रौशनी के साथ बदलते हैं।

यहां का लाइट एंड साउंड शो बेहतरीन होता है। खजुराहो प्रकृति के अद्भुत नजारे देखने देश व विदेश से लाखों सैलानी हर वर्ष पहुंचते हैं जो यहां की कलाकृति को निहारते नहीं थकते।

ग्वालियर- भारतीय इतिहास का गौरवशाली पन्ना ग्वालियर के किलों और महलों में जिंदा हो उठता है। यह शहर कई लड़ाइयों, रक्तपात और मौतों का गवाह रहा है।

यहां घूमने की जगह हैं- ग्वालियर का किला, मानमंदिर महल, जयविलास महल व म्यूजियम, सरोद घर, तानसेन स्मारक और सूर्य मंदिर।

ग्वालियर से 119 किमी. बेतवा नदी के किनारे बसा ओरछा भगवान श्रीराम के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह जगह बुंदेलों की राजधानी रही है।

यहां का मशहूर ओरछा किला वास्तुकला का एक अद्भुत उदहारण है। यहां चतुरभुज मंदिर, राज महल, राम राजा मंदिर और लक्ष्मीनारायण मंदिर देखने लायक हैं।

यहां भगवान श्रीराम को प्रतिदिन पुलिस द्वारा बंदूक से फायर कर सलामी दी जाती है।

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