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इस देश में फोन खरीदनें से लेकर टीवी देखने तक के लिए लेनी पड़ती है सरकार की मंजूरी

दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां टीवी देखने के लिए भी सरकार की मंजूरी लेनी पड़ती है। इतना ही नहीं इस देश में एक भी एटीएम (ATM) नहीं है और फोन खरीदनें के लिए भी सरकार को अर्जी देनी पड़ती है।

इस देश में फोन खरीदनें से लेकर टीवी देखने तक, लेनी पड़ती है सरकार की मंजूरीफोन और टीवी

तकनीकी विकास के इस दौर में जहां दुनिया का हर देश एटीएम, मोबाइल फोन, टीवी और इंटरनेट जैसी सुविधाओं का लाभ उठा रहें हैं। वहीं अफ्रीका में एक ऐसा देश भी है जो इन सभी सुविधाओं का इस्तेमाल करने से अपने नागरिकों को दूर रखता है। अफ्रीका के इस देश का नाम है इरीट्रिया (Eritrea), इसे आधिकारिक तौर पर इरित्रिया राज्य के नाम से भी जाना जाता है। इस देश में एक ही राजनीतिक पार्टी सत्ता में रहती है और दूसरी पार्टी बनाना गैरकानूनी है। जिसकी वजह से सरकार अपनी मनमानी करती है और नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों जैसे बैंक से पैसे निकालने, फोन या सिम खरीदनें के लिए भी सरकारी मंजूरी की अवश्यकता होती है। आइये जानते है इस देश के ऐसे ही अजीबो-गरीब नियमों के बारें में जो इसे और देशों के मुकाबले पिछड़ा हुआ और अलग बनाते हैं।



देश में नहीं है एक भी एटीएम (ATM)

आज के समय में जहां हर छोटे से गांव में एटीएम की सुविधा लोगों को दी जा रही है। वहीँ इरीट्रिया एक ऐसा देश है जहां एक भी एटीएम नहीं है जिसकी वजह से लोगों को पैसे निकालने के लिए बैंक जाना पड़ता है और सरकारी नियम है कि आप बैंक से एक महीनें में सिर्फ 23,500 रूपए ही निकाल सकते हैं। जिसकी वजह से लोगों को बहुत परेशानी होती है। हालांकि शादी जैसे अवसरों पर कुछ रियायत दी जाती है लेकिन अगर आपको कार खरीदनी है तो आपको महीनों इंतजार करना पड़ेगा।

फोन/सिम खरीदनें के लिए सरकार की मंजूरी




इरीट्रिया में मोबाइल और सिम खरीदना आसान नही है। क्योंकि इसके लिए भी यहां के स्थानीय प्रशासन से मंजूरी लेनी पड़ती है और अगर सिम ले भी लिया तो आप उसमें इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकते, क्योंकि सिम में मोबाइल डाटा नहीं होता है। वहीं, दूसरे देशों से यहां घूमने आए हुए लोगों को अगर सिम लेना हो, तो उन्हें अस्थायी सिम लेने के लिए सरकार को अर्जी देनी पड़ती है जिसमें तीन से चार दिन का समय लगता है। उसके बाद ही टूरिस्टों सिम मुहैया कराया जाता है और उन्हें देश छोड़ने से पहले सिम को लौटाना भी पड़ता है।

देश में है सिर्फ एक टेलिकॉम कंपनी

आज जहां कम्युनिकेशन नेटवर्क के लिए लोगों के पास ढेरों आप्शन हैं। वहीं इरीट्रिया देश में लोगों के पास सिर्फ एक ही कम्युनिकेशन नेटवर्क एरिटल' है। इरीट्रिया देश में 'एरिटल' एकलौती टेलिकॉम कंपनी है और उस पर भी सरकार का नियंत्रण हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कंपनी की सर्विस बेहद खराब है। जिसकी वजह से लोगों को कॉल करने के लिए पीसीओ (PCO) जाना पड़ता है।

एक प्रतिशत आबादी करती है इंटरनेट का इस्तेमाल




देश में एकमात्र टेलिकॉम कंपनी 'एरिटल' की बेहद खराब सर्विस की वजह से यहां लोग वाई-फाई के जरिए ही इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इसमें भी परेशानी यह है कि ये बेहद ही धीमा है। इसके अलावा यहां फेसबुक, ट्वविटर जैसे सोशल मीडिया एप्प और साइटों का इस्तेमाल करते समय भी लोगों को कई सारे नियमों को याद रखना पड़ता हैं। जिसकी वजह से इरीट्रिया की केवल एक प्रतिशत आबादी ही इंटरनेट का इस्तेमाल करती है। इस बात का जिक्र इंटनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) की रिपोर्ट में भी किया गया है।

मीडिया पर सरकार का नियंत्रण

इरीट्रिया की सरकार ने देश के नागरिकों पर तो कई सारे नियम लागू कर ही रखें हैं। इसके अलावा यहां की सरकार ने देश के सभी जन माध्यमों जैसे रेडियो और टीवी पर भी अपना नियंत्रण रखा हुआ है। जिसकी वजह से आप टीवी पर उन्ही चैनलों को देख सकते है जो सरकार आपको दिखाना चाहती है। यहां तक कि मीडिया पर भी सरकार ने पाबंदियां लगाई हुई है। जिसकी वजह से मीडिया सरकार के खिलाफ न तो आवाज उठा सकती है और ना ही कुछ लिख सकती है।

पासपोर्ट क लिए लेनी पड़ती है मिलिट्री ट्रेनिंग

सरकारी कानून के अनुसार इरीट्रिया के हर युवा को सेना की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है। क्योंकि सेना की ट्रेनिंग लेने के बाद ही यहां युवाओं को पासपोर्ट दिया जाता है। हालंकि पासपोर्ट मिलने के बाद भी यहां के लोग देश छोड़कर आसानी से नहीं जा सकते हैं। क्योंकि सरकार उन्हें वीसा नहीं देती है। जिसकी वजह से युवा गैरकानूनी रूप से सीमा पार करते हैं और इथोपिया या सूडान जा कर बस जाते हैं।

सरकार की आलोचना करने पर जाना पड़ता है जेल

गौरतलब है कि साल 1993 में इथियोपिया से आजाद होकर इरीट्रिया एक नया देश बना था। लेकिन यहां अभी भी राष्ट्रपति इसायास अफेवेर्की की पार्टी का ही शासन चलता है और यहां दूसरी विपक्षी पार्टी बनाना भी प्रतिबंधित है। जिसकी वजह से प्रशासन तानाशाह हो गया है और जो भी व्यक्ति यहां सरकार की आलोचना करता या सरकारी कार्यों पर सवाल उठाता है तो उसे जेल भेज दिया जाता है।

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