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अगले साल पूरी हो जाएगी चार धाम महामार्ग परियोजना

अभी तक इस परियोजना निर्माण में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं।

अगले साल पूरी हो जाएगी चार धाम महामार्ग परियोजना

देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड में चार धाम की यात्रा को आसान बनाने के लिए शुरू की गई सड़क परियोजना में आई अड़चन समाप्त हो गई है। मसलन वन और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना को तय किये गये लक्ष्य में पूरा होने की उम्मीदें बढ़ गई है।

मोदी सरकार द्वारा चार धाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को दिए गये तोहफे के तहत चारो धामों गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ आने जाने के 900 किमी से ज्यादा लंबे महामार्ग के लिए 12 हजार करोड़ रुपये की की लागत का अनुमान लगाया गया था, जिसके लिए पहाड़ों को काटने जैसे जोखिम भरे कार्य जारी है।

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इस परियोजना के 18 ऐसे प्रस्ताव हैं, जिनमें से दस प्रस्तावों को वन व पर्यावरण मंत्रालय की समिति की मंजूरी मिलने से आने वाली अड़चने दूर हो गई हैं। रविवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस परियोजनाओं से जुड़े अन्य लंबित प्रस्तावों को भी जल्द ही मंजूरी हासिल करने के लिए वन एवं पर्यावरण के साथ अन्य संबन्धित मंत्रालयों के चर्चा जारी हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई है कि चारधाम महामार्ग परियोजना को अगले साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। गडकरी के अनुसार चार धाम की यात्रा को और आसान बनाने के लिए चारो धामों गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को रेलवे नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा, जिसके कारण श्रद्धालुओं की चारधाम यात्रा बेहद आसान हो जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में देहरादून के दौरे पर सड़क परिवहन मंत्रालय की इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐलान किया था।

आपदा व भूस्खलन रहेगा बेअसर

केंद्रीय मंत्री गडकरी का कहना है कि इस परियोजना के निर्माण कार्य में जिस तरह की अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है उससे यह नया हाईवे सभी मौसमों में चालू रहेगा और प्राकृतिक आपदाओं या भूस्खलन की घटना का हाईवे पर कोई असर नहीं हो सकेगा।

यही नहीं ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्गो के किनारे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह परियोजना नदियों को आपस में जोड़ने की योजना के बाद एक बड़ी और महत्वपूर्ण साबित होगी।

उन्होंने कहा कि तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के 17 प्रस्तावों के काम की मंजूरी मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी हैं और अभी तक इस परियोजना के जारी निर्माण में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं, ताकि शुरु में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जा सके।

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कई सुरंगो से गुजरेगा यातायात

उत्तराखंड में इस चारधाम राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात में सुगमता के लिए सुरंग, बाईपास, पुल, सब-वे आदि का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके लिए पहले ही गठित किये गये एक दल ने भूस्खलन वाले संवेदनशील क्षेत्र की पहचान की है जिसकी रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षित यातायात के डिजाइन के तहत काम किया जा रहा है।

चारधाम रूट के साथ-साथ विभिन्न सुविधाओं और सार्वजनिक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा यहां पार्किंग के लिए खाली जगह और आपातकालीन निकास के लिए हेलीपैड भी बनाए जाएंगे।

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