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विदेशी पर्वतारोहियों को खोजने में मौसम बना बाधक, हवाई रास्ते के बजाय जमीनी रास्ते से चलेगा सर्च अभियान

13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट के लिए रवाना हुए 13 विदेशी पर्वतारोहियों में लापता हुए लोगों को खोजने में मौसम रुकावट बन रहा है। पर्वतारोहियों के शव निकालने के लिए सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ ने योजना बना ली है।

विदेशी पर्वतारोहियों को खोजने में मौसम बना बाधक, हवाई रास्ते के बजाय जमीनी रास्ते से चलेगा सर्च अभियान

13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट के लिए रवाना हुए 13 विदेशी पर्वतारोहियों में लापता हुए लोगों को खोजने में मौसम रुकावट बन रहा है। पर्वतारोहियों के शव निकालने के लिए सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ ने योजना बना ली है।

खराब मौसम के कारण सेना की उड़ान बार बार टालती जा रही है। इसलिए अब विदेशी पर्वतारोहियों को खोजने के लिए टीम पिंडारी ग्लेशियर की ओर से पैदल ही नंदा चोटी के लिए रवाना होगी। ये अभियान मंगलवार से शुरू किया जा सकता है।

आईटीबीपी डीआईजी एपीएस निंबाडिया ने बताया कि आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के पर्वतारोहियों की टीम ने जिस स्थल पर शव देखें हैं वहां पहुंचने की योजना बना ली गई है। जल्द ही टीमें रवाना होगीं।

गौरतलब है कि सर्च अभियान के दौरान बर्फ में पांच शव दिखाई दिए थे। जिस स्थान पर शव पड़े हैं वहां खतरनाक दर्रा होने के कारण सेना के हेलीकॉफ्टर से निकालने का प्रयास नहीं हो सकता था। हेलीकॉफ्टर के जरिए वहां की रेकी की गई।

बता दें कि 13 सदस्यीय दल में से ब्रिटेन निवासी मार्टिन मोरिन, जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय पर्वतारोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आने से लापता हो गए थे।

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