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कोरोना से मुक्ति के लिए कुश्ती खिलाड़ी लभांशु शर्मा ने भगवान को लिखा खुला खत, विश्व शांति के लिए कर चुके हैं कई काम

ऐसे विकट समय में मशहूर कुश्ती खिलाड़ी और विश्व शांति दूत लभांशु शर्मा ने 7.8 अरब मानव समुदाय की तरफ से ईश्वर को लिखे अपने खत के माध्यम से कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की है।

कोरोना से मुक्ति के लिए कुश्ती खिलाड़ी लभांशु शर्मा ने भगवान को लिखा खुला खत, विश्व शांति के लिए कर चुके हैं कई काम
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देहरादून. कोरोना वायरस (Corona Virus) हमारे ग्रह पर कहर बरपा रहा है। आज पूरी दुनिया इस वायरस के प्रकोप से जूझ रही है। दुनिया भर के उद्योगपति, नेता, अभिनेता, डाक्टर, शिक्षक सच कहें तो पूरा मानव समाज इस बीमारी से लड़ने के लिए एकजुट प्रयास कर रहा है। कोई इस प्रकोप के कारण लॉकडाउन से परेशान लोगों के लिए राहत पैकेज बांट रहा है तो कोई खाद्य सामग्री बाट रहा है साथ ही साथ डाक्टर यानी हमारे दूसरे भगवान अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना से जूझ रहे लोगों का इलाज कर रहे हैं और प्रशासन मुस्तैदी से हमें सुरक्षा और मानवीय जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर रहा है। सबसे आगे बढ़कर देश की जनता भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अपने सारे काम छोड़कर घरों में रहकर, इस जंग को जीतने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

ऐसे विकट समय में मशहूर कुश्ती खिलाड़ी और विश्व शांति दूत लभांशु शर्मा ने 7.8 अरब मानव समुदाय की तरफ से ईश्वर को लिखे अपने खत के माध्यम से कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की है। इस खत में उन्होंने ईश्वर से पूरे मानव जगत की तरफ से, शानदार संसाधनों से सम्पन्न ग्रह पृथ्वी पर किये गए नुकसान से उत्पन्न हुए जलवायु संकट के लिए माफ़ी मांगी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस ख़त में उन्होंने सम्पूर्ण मानव समुदाय की तरफ से ईश्वर को यह आश्वासन दिया है कि अब हम अपनी भूल सुधारेंगे और प्रकृति की रक्षा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।


उन्होंने यह चर्चित पत्र अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया था यह पत्र अंग्रेजी में लिखा गया था जिसका हिंदी अनुवाद कुछ इस प्रकार है –

सेवा में,
सर्व शक्तिमान ईश्वर
विषय:
कृपया हमें क्षमा करें और हमारी दुनिया की रक्षा करें।

पूज्यनीय भगवान,
हम इस दुनिया के लोगों ने व्यक्तिगत लालच और अपनी मानवीय आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए धार्मिक मतभेदों और नस्लीय भेदभाव से लेकर जीव, जन्तुवों और वनस्पतियों को काफी नुकसान पहुंचाया है। हमारे द्वारा किये गए प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन की वजह से आज जलवायु संकट के साथ-साथ अब मानव मात्र के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। हम लालची मनुष्यों ने आपके द्वारा बनाये गए सुन्दर ग्रह पृथ्वी को नष्ट किया है इसके लिए हमें बेहद खेद है।


हम जानते हैं कि हमने आपको चोट पहुंचाई है क्योंकि आपने हमें नफरत फैलाने के और दूसरे जीवों को नुकसान पहुचाने के लिए धरती पर नहीं भेजा है। हमारे अंधे अभिमान में, हम मनुष्यों को विश्वास हो चला था कि हम सर्वोच्च हैं।

अब, जैसा कि हम अपनी गलतियों पर आत्मनिरीक्षण करते हैं, हम समझते हैं कि आप हमें क्या सिखाने की कोशिश कर रहे हैं। हम अपनी गलती के लिए आपसे क्षमा चाहते हैं। हम वादा करते हैं कि इस बार हम अपने भीतर की मानवता को जगाएंगे और प्यार और बन्धुता के साथ काम करेंगे।

हमने इस जानलेवा वायरस के खिलाफ हर तरह की कोशिश की लेकिन कुछ भी काम नहीं आया। आप सर्वोच्च हैं और आपका प्रेम और आशीर्वाद ही हमें इस महामारी से बचा सकता है। हम ह्रदय की गहराइयों से प्रार्थना करते हैं कि आप हर किसी को (जो कोरोनोवायरस के कारण पीड़ित हैं ) ठीक करें और इस हमारे गृह पृथ्वी को इस घातक वायरस से मुक्ति दिलाएं ।

कृपया हमें क्षमा करें और इस महामारी से दुनिया को बचाएं।

आपका आभारी,
एक असहाय मानव


"उम्मीद करते हैं कि दुनिया के 7 अरब 80 करोड़ लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए किया गया मेरा निवेदन आपको जल्द से जल्द प्राप्त होगा और आप हमारी दुनिया में सब कुछ जल्द से जल्द ठीक कर देंगे।"

लभांशु नें शांति और प्रेम के संदेश के साथ सभी को चौका दिया। इन्होने यह पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया है इस पत्र को बहुत से लोगों ने पसंद और साझा किया है।

लभांशु के मूल पत्र पर जानें के लिए आप इस लिंक पर जाएं-


कौन हैं लभांशु शर्मा

लभांशु शर्मा उत्तराखंड के ऋषिकेश से हैं। लभांशु भारतीय पहलवान व विश्व शांति कार्यकर्ता हैं, इन्होने विश्व शांति हेतू कई अभियानों की अगुवाई की है । गौरतलब है कि लभांशु एशियाई अंतर्राष्ट्रीय खेलों में दो स्वर्ण पदक और इंडो नेपाल अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती टूर्नामेंट के विजेता रह चुके हैं। इन्हें 2015 में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका हैं।

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