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भिखारियों की बल्ले-बल्ले, सरकार देगी स्थायी रोजगार

किसी के अच्छे दिन आए या न आए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में प्रदेश के भिखारियों के अच्छे दिन आ गए हैं। आम जनता के लिए योजनाएं बनाते हुए प्रदेश की सरकार ने भिखारियों के पुनर्वास के लिए भी योजनाए बना दी है। योगी सरकार की ये योजना जल्द ही जमीन पर उतरेगी।

भिखारियों की बल्ले-बल्ले, सरकार देगी स्थायी रोजगारUttar pradesh Government Permanent Jobs For Beggars

किसी के अच्छे दिन आए या न आए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में प्रदेश के भिखारियों के अच्छे दिन आ गए हैं। आम जनता के लिए योजनाएं बनाते हुए प्रदेश की सरकार ने भिखारियों के पुनर्वास के लिए भी योजनाए बना दी है। योगी सरकार की ये योजना जल्द ही जमीन पर उतरेगी। लखनऊ शहर से शुरू होने वाली इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत लखनऊ नगर निगम भिखारियों को चिन्हित करने में लग गया है।

लखनऊ के नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि लखनऊ के 8 जोन के भिखारियों को चिन्हित करके उनके बारे में जानकारी जुटाकर उन्हें काम सौंपा जाएगा। भिखारियों को लखनऊ में डोर टू डोर कचरा एकत्र करने का काम दिया जाएगा। उनके मुहल्ले की नालियों और सड़को की सफाई का काम करवाया जाएगा। इसके एवज में उन्हें संविदाकर्मियों के बराबर वेतन दिया जाएगा। मतलब दिन भर का 250 रुपए।


नवाबों के शहर में भिखारियों को काम देने की इस मुहीम में प्रशासन सिद्दत से लगा है। शहर में करीब 6 लाख घर है जहां से रोजाना कचरा निकलता है। घरो, सड़को और नालियों की संख्या और स्वस्थ भिखारियों की संख्या का अनुपात देखेंगे तो लगेगा कि अगर सरकार इस योजना का कार्यन्वयन बेहतर ढंग से होगा तो सड़को, चौराहों पर दिखने वाले भिखारी बेहद कम हो जाएंगे।

नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी बताते हैं कि जो शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं उन्हें तो ये काम दिया जाएगा पर जो शरीरिक रूप से अक्षम हैं उन्हें आश्रयगृहों में रखा जाएगा। साथ ही उन्हें भी सरकार की पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा ताकि वह अपनी जिन्दगी को आम लोगों की तरह जी सके।

साफ पानी, बिस्तर की चादर और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी दी जाएंगी। एक अनुमान के मुताबिक लखनऊ में 500 के करीब भिखारी हैं। अगर उनके छोटे बच्चों की संख्या जोड़ दें तो यह संख्या हजार के पार पहुंच जाएगी।

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