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यूपी राज्यसभा चुनाव: बुआ ने बबुआ से मांगा ''रिटर्न गिफ्ट''

कल होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए सपा ने जया बच्चन, जबकि बसपा ने भीमराव अम्बेडकर को प्रत्याशी बनाया है। राज्यसभा चुनाव के लिए 23 मार्च को मतदान होगा और परिणाम भी उसी दिन घोषित होंगे।

यूपी राज्यसभा चुनाव: बुआ ने बबुआ से मांगा रिटर्न गिफ्ट
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उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए कल होने वाले चुनाव आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होंगे। इसमें यूपी की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां सपा और बसपा के गठबंधन की दिशा और दशा तय होगी।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में सपा को छोड़कर कोई भी विपक्षी दल अपने बलबूते एक भी राज्यसभा सीट जीतने की स्थिति में नहीं है। बसपा ने हाल में गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में सहयोग देकर सपा की जीत में अहम भूमिका निभाई है।

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अब कर्ज चुकाने की बारी बबुआ की

अब कर्ज चुकाने की बारी बबुआ यानी अखिलेश यादव की है। बताया जाता हैं कि मायावती ने अखिलेश को 10 विधायकों का समर्थन पक्का करने को कहा है। राजनीतिक पंडितों के मुताबिक करीब 25 साल के बाद ऐसा पहला मौका है जब बसपा प्रमुख मायावती ने सपा के प्रति नरम रुख अपनाया है।

बसपा और सपा का ये साथ आगे भी जारी रहेगा, इसका सारा दारोमदार राज्यसभा चुनाव के परिणाम पर है। यह चुनाव आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सपा और बसपा के गठबंधन की सम्भावनाओं पर निर्णायक असर डालेगा।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा में एक उम्मीदवार को जिताने के लिये 37 विधायकों का समर्थन जरूरत है। प्रदेश की 403 सदस्यीय सपा के पास 47 सदस्य हैं।

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सपा और बसपा का गणित

सपा के पास अपनी उम्मीदवार जया बच्चन को चुनाव जिताने के बाद भी तकनीकी रूप से 10 वोट बच जाएंगे। बसपा के पास 19 वोट हैं जबकि कांग्रेस के पास सात और राष्ट्रीय लोकदल के पास एक वोट है।

ऐसे में इन दलों का गठबंधन ही दसवें सदस्य को राज्यसभा भेज सकता है, मगर जरा सी भी गड़बड़ी सारा गणित बिगाड़ सकती है।

भाजपा ने 10 सीटों पर उतारे 9 प्रत्याशी

वहीं 324 विधायकों के संख्याबल के आधार पर भाजपा यूपी में आठ सीटें आराम से जीत सकती है। लेकिन भाजपा ने यूपी में 10 सीटों के लिये नौ प्रत्याशी उतारे हैं, जो विपक्ष के लिये चिंता का सबब है। क्योंकि अगर 'क्रास वोटिंग' हुई तो विपक्ष के लिए मुसीबत होगी।

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'डिनर डिप्लोमेसी'

अपने-अपने मतों को एकजुट रखने के लिये सपा और बसपा ने 'डिनर डिप्लोमेसी' का सहारा लिया है। सपा ने कल रात अपने विधायकों को रात्रि भोज पर बुलाया था और बसपा मुखिया मायावती ने भी आज अपने विधायकों को रात के खाने पर आमंत्रित किया था।

नितिन अग्रवाल ने बढाई चिंता

सपा के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल के भाजपा में जाने के बाद उनके सपा विधायक पुत्र नितिन अग्रवाल के भी भाजपा के पक्ष में वोट करने की प्रबल संभावना है।

लेकिन सपा के लिए राहत की बात रही कि कल हुए विधायकों के रात्रि भोज में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा और कभी उनके प्रतिद्वंद्वी रहे शिवपाल यादव तथा निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने शिरकत की। दोनों ने सपा का साथ देने की बात भी कही है। कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी को समर्थन देने का एलान किया है।

ये होंगे रिटायर

आपको बता दें कि सपा के राज्यसभा सदस्यों नरेश अग्रवाल, दर्शन सिंह यादव, नरेश चन्द्र अग्रवाल, जया बच्चन, चैधरी मुनव्वर सलीम और आलोक तिवारी, भाजपा के विनय कटियार और कांग्रेस के प्रमोद तिवारी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसके अलावा मनोहर पर्रिकर और मायावती की सीट रिक्त है।

भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिये वित्त मंत्री अरुण जेटली, डाॅक्टर अशोक बाजपेयी, विजयपाल सिंह तोमर, सकलदीप राजभर, कांता कर्दम, डॉ. अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव, अनिल कुमार अग्रवाल और हरनाथ सिंह यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

सपा और बसपा के उम्मीदवार

कल होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए सपा ने जया बच्चन, जबकि बसपा ने भीमराव अम्बेडकर को प्रत्याशी बनाया है। राज्यसभा चुनाव के लिए 23 मार्च को मतदान होगा और परिणाम भी कल ही घोषित होंगे।

इनपुट- भाषा

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