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क्या है गेस्ट हाउस कांड का काला सच, जानिए क्या हुआ था मायावती के साथ

टीम डिजिटल/हरिभूमि, दिल्ली | UPDATED Jan 12 2019 3:51PM IST
क्या है गेस्ट हाउस कांड का काला सच, जानिए क्या हुआ था मायावती के साथ

लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन का ऐलान आज मायावती और अखिलेश ने प्रेस कांफ्रेंस कर के किया। अखिलेश यादव और मायावती की इस साझा प्रेस कांफ्रेंस में बसपा अध्यक्ष मायावती ने गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया। मायावती ने कहा कि हम भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के उस खौफनाक गेस्ट हाउस कांड को भुलाकर एक बार फिर साथ आ रहे हैं।

यहां हम आपको उस यूपी के उस गेस्ट हाउस कांड के बारे में बता रहे हैं जिसका जिक्र मायावती ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में किया है। करीब 23 साल पहले 1995 में यूपी में हुए उस गेस्ट हाउस कांड ने राजनीति में भूचाल ला दिया था। साल 1992 में यूपी की राजनीति के दो सितारे मुलायम सिंह यादव और मायावती की पार्टियों सपा-बसपा ने हाथ मिलाया था।  

क्या है गेस्ट हाउस कांड?

साल 1995 में जब मायावती ने मुलायम सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया तो सपा और बसपा के बीच कड़वाहट बेहद बढ़ गई थी। इसके बाद भाजपा ने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल वोहरा को एक चिट्ठी सौंप जिसमे लिखा था कि यूपी में बसपा सरकार बनाने का दावा पेश करती है तो भाजपा उसका समर्थन करेगी।

इसके कुछ दिन बाद मायावती ने चर्चा के लिए लखनऊ के गेस्ट हाउस में अपने विधायकों की एक बैठक बुलाई थी। जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को इस बैठक की भनक लगी तो सपा के कई कार्यकर्ता गेस्ट हाउस में पहुंच गए। 

गेस्ट हाउस के बाहर जुटी सपा के कार्यकर्ताओं ने बसपा विधायकों को मारना-पीटना शुरू कर दिया।  इस दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया। मायावती जिस कमरे में छिपी थीं सपा के लोग उसे खोलने की कोशिश करते रहे।  

इस दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मायावती को जातिसूचक शब्द और भद्दी-भद्दी गालियां देते रहे। सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ दरवाजा पीटने के साथ-साथ‌ चिल्‍ला-चिल्‍लाकर ये भीड़ गंदी गालियां देते कह रहे थे कि मायावती को एक बार घसीट कर बाहर निकालने के बाद मायावती के स‌ाथ क्या किया जाएगा। 

किसने बचाया मायावती को 

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए इस गेस्ट हाउस कांड के बाद मायावती को बचाने के लिए भाजपा के कुछ लोग वहां पहुंचे थे।  हालांकि कुछ लोग इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते। 

भाजपा के सहयोग से मायावती बनी सीएम 

लखनऊ में ही इस गेस्ट हाउस कांड के अगले दिन भाजपा के कुछ विधायक और नेता राज्यपाल के पास गए और उन्होंने सरकार बनाने के लिए बसपा का समर्थन देंने का ऐलान कर दिया। बाद में बसपा के अध्यक्ष कांशीराम ने मायावती को उत्तर प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बना दिया।


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