Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

पुलिस परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के 24 लोग गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की आरक्षी एवं आरक्षी पीएसी की आफलाइन लिखित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नकल कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को आगरा में एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है जबकि पूरे प्रदेश मे नकल कराने के मामले में 24 लोगो को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के 24 लोग गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की आरक्षी एवं आरक्षी पीएसी की आफलाइन लिखित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों से पैसे लेकर नकल कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को आगरा में एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है जबकि पूरे प्रदेश मे नकल कराने के मामले में 24 लोगो को गिरफ्तार किया गया है।

उत्तर प्रदेश एसटीएफ के एक बयान के अनुसार रविवार को राज्य में आरक्षी की ऑफलाइन परीक्षा थी। इस परीक्षा में पैसा लेकर नकल कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को आगरा के थाना न्यू आगरा के क्षेत्र में आने वाले एक ओवरब्रिज के नीचे से गिरफ्तार किया गया है । मथुरा के शिवकुमार, भुवनेश तथा कानपुर देहात के सत्यम कटियार को गिरफ्तार किया गया है।
इनके पास से दो फर्जी एडमिट कार्ड के साथ नकद धनराशि भी बरामद हुई है ।
एसटीएफ ने कहा कि पूछताछ पर बताया कि हम लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिखित परीक्षा में पास करा भर्ती कराने के नाम पर लोगों से छह से आठ लाख रूपये लेते हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
देर रात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रदेश में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से नौ लोगों को एसटीएफ ने तथा 15 लोगों को जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नकल के मामले में प्रदेश में 11 मामले दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए लोग आगरा, वाराणसी, मथुरा, लखनऊ, गाजीपुर, सहारनपुर, कानपुर तथा फिरोज़बाद के हैं।
इन गिरोहों ने फर्जी अभ्यर्थी मुहैया कराए जिन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी उम्मीदवारों के लिए 2018 की ऑफलाइन भर्ती परीक्षा लिखी। इनमें से एक गिरोह ब्लूटूथ ईयरफोन और वेब कैमरा जैसे गैजेट का इस्तेमाल कर रहा था।
एसटीएफ ने यहां जारी एक बयान में कहा कि ये लिखित परीक्षा में पास कराके भर्ती कराने के नाम पर उम्मीदवारों से पांच लाख से 12 लाख रुपये लेते थे। इसमें बताया गया कि अनुचित माध्यमों का इस्तेमाल कर कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के उम्मीदवारों की कथित तौर पर मदद करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ और आगरा में उसके सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ ने कहा कि पूछताछ में उन लोगों ने बताया कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए लोगों से छह से आठ लाख रूपये लेते हैं। इस बीच, पश्चिमी यूपी एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती के लिए चल रही लिखित परीक्षा में हिस्सा लेने जा रहे एक फर्जी परीक्षार्थी और नकल कराने वाले गिरोह के सरगना सहित तीन लोगों को मथुरा जिले के थाना एक्सप्रेस वे से गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ ने बताया कि पवन सिंह और उसके साथी जीवन सिंह और राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। ये सभी अलीगढ़ जिले के हैं। एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘इनके पास से चार सिम कार्ड आधारित इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण, 22 ब्लूटूथ ईयरफोन, एक वेब कैमरा, मार्कशीट्स और 11 उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड और 15,000 रुपये बरामद किए गए।' अधिकारी ने बताया कि इनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक एसयूवी भी जब्त की गई है।
एसटीएफ ने कहा, ‘‘परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवार अपने ताबीजों में लगे उपकरणों के जरिए सवालों को पढ़ते थे जो परीक्षा केंद्रों के बाहर बैठे उनके गिरोह के सदस्यों के पास जाते थे जो उन्हें सही जवाब बताते थे।' अधिकारियों ने बताया कि तीसरे गिरोह का पर्दाफाश लखनऊ में किया गया।
एसटीएफ ने बताया कि लखनऊ निवासी निशांत प्रभाकर, संतोष तिवारी और बिहार के नालंदा के रहने वाले संतोष पासवान को गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ ने एक बयान में कहा, ‘‘वे एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ करके फर्जी उम्मीदवारों को भेजते थे और उम्मीदवारों से छह से 12 लाख रुपये लेते थे।'
एजेंसी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उनसे पूछताछ चल रही है ताकि ऐसे परीक्षा फर्जीवाडे का पता लगाने में मदद मिल सके।
Next Story
Top