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नामुमकिन को मुमकिन बनाने का नाम है ''मोदी''- योगी आदित्यनाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) को लेकर पूरी तरह से जुट गए हैं। चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही वह सभी जरूरी योजनाओं का लोकर्पण और शिलान्यास कर रहे हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा में पं. दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान का उद्घाटन किया (Pt. Deendayal Upadhyaya Institute of Archaeology)।

नामुमकिन को मुमकिन बनाने का नाम है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) को लेकर पूरी तरह से जुट गए हैं। चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही वह सभी जरूरी योजनाओं का लोकर्पण और शिलान्यास कर रहे हैं।
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा में पं. दीनदयाल उपाध्याय पुरातत्व संस्थान का उद्घाटन किया (Pt. Deendayal Upadhyaya Institute of Archaeology)। इस मौके पर उनके साथ उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्नाथ (Yogi Adityanath) भी मौजूद रहे।
विभिन्न योजनाओं की शुरुआत के मौके पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि जो काम सपा, बसपा, कांग्रेस के लिए नामुमकिन था उसे पीएम मोदी ने मुमकिन बना दिया है। नामुमकिन को मुमकिन बनाने का नाम ही है मोदी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि कभी नोएडा की पहचान सरकारी धन की लूट, अथॉरिटी और टेंडर में होने वाले नए नए खेल और जमीन घोटालों की वजह से बनी खबरों के कारण होती थी। आज नोएडा और ग्रेटर नोएडा की पहचान विकास की परियोजनाओं से है।
2014 से पहले मोबाइल फोन बनाने वाली सिर्फ 2 फैक्ट्रियां थी। आज करीब सवा सौ फैक्ट्रियां देश में मोबाइल बना रही हैं। इसमें से बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां नोएडा में हैं। यहां की कनेक्टिविटी को और सुधारने के लिए जेवर में देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है।
इससे जुडी सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक स्वर्णिम अवसर लेकर आएगा। अब अगले कुछ हफ्तों में उड़ान योजना के तहत जल्द बरेली से भी उड़ानें शुरू हो जाएंगी। 'उड़े देश का आम नागरिक' इस लक्ष्य के साथ अब तक 120 रूटों को शुरू किया जा चुका है।
आज दो और बड़े पावर प्लांट्स का शिलान्यास यहां से किया गया है। एक प्लांट यूपी के ही बुलंदशहर के खुर्जा में लग रहा है और दूसरा बिहार के बक्सर में है। हमारी सरकार 21वीं सदी में देश की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान रखते हुए अनेक क्षेत्रों में काम कर रही है। पहले की सरकारों ने पावर सेक्टर और देश की ऊर्जा जरूरतों को नजरअंदाज किया था।
उन्होंने आगे कहा कि कल कानपुर (Kanpur) में पनकी पावर प्रोजेक्ट (Panki Power Plant) के विस्तार का काम आरंभ हुआ है। आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि पनकी प्रोजेक्ट में 40-40, 50-50 साल पुरानी हो चुकी मशीनों से ही काम लिया जा रहा था। नतीजा ये था कि जो बिजली वहां बन भी रही थी, उसकी कीमत आ रही थी 10 रुपए प्रति यूनिट।
पहले की सरकारों के इसी रवैये ने देश के पावर सेक्टर को खस्ताहाल कर दिया था। देश के लोग वो दिन नहीं भूल सकते, जब टीवी चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज चला करती थी कि पावर प्लांट्स में एक दिन-दो दिन का ही कोयला बचा है।
देश के पावर सेक्टर को सुधारने के लिए इसलिए हमारी सरकार ने नई अप्रोच के साथ, नई नीतियों के साथ काम किया। जिस कोयले के आवंटन में देश में करोड़ों का घोटाला हुआ था, उसी कोयले की नीलामी के लिए हमारी सरकार ने देश को एक पारदर्शी और आधुनिक व्यवस्था दी।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते समय हमने 2022 तक 175 गीगावॉट क्लीन एनर्जी के उत्पादन क्षमता जोड़ने का लक्ष्य भी रखा। 18 हजार से ज्यादा ऐसे गांव जहां आजादी के इतने वर्षों बाद भी बिजली नहीं पहुंची थी, उन्हें हमारी सरकार ने बिजली से जोड़ा।
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