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वृंदावन में बोले PM मोदीः ''गौ माता के दूध का कर्ज देश नहीं चुका सकता

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजनैतिक रैलियों का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी जहां राजधानी लखनऊ में रोड शो कर रही हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वृंदावन पहुंचे हैं।

वृंदावन में बोले PM मोदीः
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजनैतिक रैलियों का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी जहां राजधानी लखनऊ में रोड शो कर रही हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वृंदावन पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी वृंदावन में अक्षय पात्र फाउंडेशन के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं। उन्होने यहां वंचित वर्ग के स्‍कूली बच्‍चों को खाना खिलाया।
पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों को एक सुरक्षित परिवेश उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कुंभ 209 की सराहना करते हुए कहा कि इसके पहले कुंभ की चर्चा नागा साधुओं के लिए होती थी लेकिन आज पूरी दुनिया में यहां की स्वच्छता का बखान हो रहा है।
नीचे पढ़ें उनके भाषण की मुख्य बातें-
  • जो दान कर्तव्य समझकर बिना किसी उपकार की भावना से, उचित स्थान से, उचित समय पर योग्य व्यक्ति को दिया जाता है, उसे सात्विक दान कहते हैं।
  • हमारी सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है कि पोषकता के साथ, अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन बच्चों को मिले।
  • जिस प्रकार मजबूत इमारत के लिए नींव का ठोस होना जरूरी है, उसी प्रकार शक्तिशाली नए भारत के लिए पोषित और स्वस्थ बचपन जरूरी है।
  • केंद्र सरकार ने बचपन के आस-पास मजबूत सुरक्षा घेरा बनाने का प्रयास किया है। इस सुरक्षा के तीन पहलू हैं।
  • इस बार कुम्भ के मेले ने देश को स्वच्छता का संदेश देने में सफलता पाई है। आम तौर पर कुम्भ में नागा बाबाओं की चर्चा होती है, पहली बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने कुम्भ की स्वच्छता को लेकर रिपोर्ट की है।
  • हमने टीकाकरण अभियान को मिशन मोड में चलाने का फैसला किया। मिशन इंद्रधनुष से देश में लगभग 3 करोड़ 40 लाख बच्चों और 90 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया है। जिस गति से काम हुआ है, उससे तय है कि सम्पूर्ण टीकाकरण का हमारा लक्ष्य अब दूर नहीं है।
  • मिशन इंद्रधनुष को दुनियाभर में सराहा जा रहा है। पिछले दिनों एक मशहूर मेडिकल जनरल ने मिशन इंद्रधनुष को दुनिया के 12 बेस्ट प्रैक्टिसेज में चुना है।
  • गौ माता के दूध का कर्ज इस देश के लोग नहीं चुका सकते हैं। गाय हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। गाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • पशुपालकों की मदद के लिए अब बैंकों के दरवाजे खोल दिए गए हैं। अब बैंकों से 3 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है। इससे हमारे तमाम पशुपालकों को लाभ मिलने वाला है।
  • बजट में राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बनाने का फैसला किया गया है। इस आयोग के तहत 500 करोड़ रूपए का प्रवाधान गौ माता और गौवंश की देखभाव के लिए किया गया है।
  • बजट में राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बनाने का फैसला किया गया है। इस आयोग के तहत 500 करोड़ रूपए का प्रवाधान गौ माता और गौवंश की देखभाव के लिए किया गया है।
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