Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर पर बवाल, भाजपा सांसद ने उठाया सवाल

भाजपा सांसद सतीश गौतम ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर पूछा है कि छात्रसंघ भवन में जिन्ना की तस्वीर क्यों लगाई गई है?

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर पर बवाल, भाजपा सांसद ने उठाया सवाल
X

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। इसे लेकर अब भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही मतभेद पैदा हो गए हैं।

जिन्ना की तस्वीर पर पार्टी दो खेमों में बंटी नजर आ रही है। एक तरफ जहां भाजपा सांसद सतीश गौतम ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर पूछा है कि छात्रसंघ भवन में जिन्ना की तस्वीर क्यों लगाई गई है?

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने जिन्ना को महापुरुष बताते हुए उनकी तस्वीर पर सवाल उठानेवालों पर ही निशाना साधा है। मौर्या ने कहा, जिन महापुरुषों का योगदान इस राष्ट्र के निर्माण में रहा है, यदि उन पर कोई उंगली उठाता है तो यह घटिया बात है।

इसे भी पढ़ें- राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति-2018 का मसौदा जारी, 40 लाख लोगों को मिलेगी नौकरी

देश के बंटवारे से पहले जिन्ना का योगदान भी इस देश में था। मौर्या ने यहां तक कह दिया कि इस प्रकार के बकवास बयान, चाहें उनके दल के सांसद-विधायक दें या दूसरे दलों के, उनकी लोकतंत्र में मान्यता नहीं है।

'जिन्ना नहीं महेंद्र सिंह की लगाएं तस्वीर'

भाजपा सांसद सतीश गौतम ने यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर कुलपति तारिक मंसूर से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। सांसद ने अपने पत्र में लिखा है कि अगर वे लोग विश्वविद्यालय में कोई तस्वीरें लगाना चाहते हैं तो उन्हें महेंद्र प्रताप सिंह जैसे महान लोगों की तस्वीर संस्थान में लगानी चाहिए, जिन्होंने यूनिवर्सिटी बनाने के लिए अपनी जमीन दान में दी थी।

सतीश ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि संस्थान में यह तस्वीर कहां लगी है लेकिन वह क्यों लगी है, यह बड़ा सवाल जरूर है। उन्होंने कहा कि देश के बंटवारे के बाद जिन्ना की तस्वीर यूनिवर्सिटी में लगाने का कोई औचित्य नहीं बनता। वीसी की ऐसी क्या मजबूरी थी जो उन्होंने जिन्ना की तस्वीर यूनिवर्सिटी में लगाई।

इसे भी पढ़ें- कर्नाटक विधानसभा चुनाव: 'कांग्रेस को बिखेरना गांधी जी का सपना था, अब कर्नाटक की बारी'

'छात्रसंघ को लिखें खत, हम देंगे जवाब'

उधर, गौतम के इस पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने सवाल किया है कि जब तस्वीर आजादी से पहले छात्रसंघ की तरफ से छात्रसंघ हॉल में लगी है तो सांसद ने कुलपति को पत्र क्यों लिखा है?

तस्वीर छात्रसंघ के हॉल में लगी है। उन्हें छात्रसंघ को पत्र लिखना चाहिए, हम लोग उनके पत्र का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

अधिकारी बोले- राजनीतिक दलों को हस्ततक्षेप की इजाजत नहीं

वहीं, विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने मंगलवार को साफ किया कि विश्वविद्यालय किसी भी सरकारी एजेंसी के दबाव में नहीं है और विश्वविद्यालय राजनीतिक दलों को परिसर में सीधे हस्तक्षेप की इजाजत किसी भी हालत में नहीं देगा।

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रफेसर शैफी किदवई ने इस बारे में कहा कि यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ एक स्वतंत्र संस्था है। छात्रसंघ ने 1920 में आजीवन सदस्यता देने की शुरुआत की थी। महात्मा गांधी और जिन्ना को भी सदस्यता मिली थी, तब वहां जिन्ना की तस्वीर लगाई गई थी।

आडवाणी ने भी दिया था विवादित बयान

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 2005 में पाकिस्तान की यात्रा के दौरान मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति बताया था। इस पर भारत में काफी विवाद हुआ था और आखिर में आडवाणी को भाजपा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

इनपुट- भाषा

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story