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मुलायम सिंह यादव 5 दिसंबर को पहली बार उत्तर प्रदेश के बने थे मुख्यमंत्री, इस तरह किया राजनीति में प्रवेश

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कामना संभाल चुके हैं। मुलायम सिंह यादव केंद्र सरकार में एक बार रक्षामंत्री के पद भी रहे हैं।

मुलायम सिंह यादव 5 नवंबर को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, इस तरह किया राजनीति में प्रवेशमुलायम सिंह यादव

किसान नेता और जनता के बीच 'नेताजी' तथा 'धरतीपुत्र' के नाम से जाने वाले मुलायम सिंह यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुआ। मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कामना संभाल चुके हैं। मुलायम सिंह यादव केंद्र सरकार में एक बार रक्षामंत्री के पद भी रह चुके हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को जानकारी है कि मुलायम सिंह यादव ने किस तरह राजनीति में प्रवेश किया था। खास बात आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव 5 दिसंबर को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे।


मुलायम सिंह यादव का राजनीति में प्रवेश

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव पिछले तीन दशक से राजनीति में सक्रिय हैं। मुलायम सिंह यादव ने अपने राजनीतिक गुरु नत्थूसिंह के परंपरागत विधानसभा क्षेत्र जसवंत नगर से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी।

1967 में मुलायम सिंह यादव ने पहली बार विधायक का चुनाव 'सोशलिस्ट पार्टी' से लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने दूसरा चुनाव 'प्रजा सोशलिस्ट पार्टी' से लड़ा था। इस पार्टी से भी उन्होंने जीत हासिल की।

मंत्री बनने के लिए करना पड़ा इंतजार

मंत्री बनने के लिए मुलायम सिंह यादव को 1977 का इंतजार करना पड़ा था। उस दौरान उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विरोधी लहर में जनता सरकार बनी थी। मुलायम सिंह यादव वर्ष 1980 में कांग्रेस सरकार में राज्यमंत्री रही।

वहीं चौधरी चरण सिंह लोकदल के अध्यक्ष बने। लेकिन इसके बाद वह विधासभा का चुनाव हार गए। इसके बाद चौधरी चरण सिंह ने मुलायम सिंह यादव को विधान परिषद में मनोनित करवाया, जहां पर वह प्रतिपक्ष के नेता बने।

मुलायम सिंह यादव का नाम मुल्ला मुलायम यहां से पड़ा

मुलायम सिंह यादव 1967 में पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए। शुरुआत में मुलायम सिंह यादव ने दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए आवाज उठाई। इसकी के साथ वह दलित समुदाय के लिए लोकप्रिय नेता बन गए।

मुलायाम सिंह यादव ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर मुसलमानों का समर्थन किया था। तब हिंदू समुदाय के लोगों ने उनका विरोध किया और वह मुस्लिम समुदाय के लोगों लोकप्रिय नेता बन गए।

6 दिसंबर 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ध्वस्त होने के बाद राजनीति सांप्रदायिक आधार पर बंट गई। उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव को मुस्लिम समुदाय के लोगों का समर्थन हासिल हुआ। इसके बाद हिंदू समुदाय के लोगों ने मुलायम सिंह को मुल्ला मुलायम सिंह नाम दिया।

बता दें कि मुलायम सिंह तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पहली बार मुलायम सिंह यादव 5 नवंबर 1989 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इस दौरान वह 1989 से 1991 तक सीएम रहे। इसके बाद वह 1989 से 1991 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वहीं मुलायम सिंह यादव केंद्र सरकार में 1996 से 1998 तक रक्षा मंत्री भी रहे हैं।

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