Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

मजदूर पिता से नहीं देखे गए भूख से बिलबिलाते बच्चे, फांसी लगाकर दी जान, झकझोर कर देगी कहानी

राजापुरवा निवासी विजय बहादुर दिहाड़ी मजदूर था। मजदूरी करके ही पत्नी रंभा, बेट शिवम, शुभम, रवि और बेटी अनुष्का का पेट भरता था। डेढ़ महीने से जारी लॉकडाउन की वजह से उसे कहीं काम नहीं मिला। इसके चलते जो पैसा जोड़ा भी था, वह भी खत्म हो गया। 

मजदूर पिता से नहीं देखे गए भूख से बिलबिलाते बच्चे, फांसी लगाकर दी जान, झकझोर कर देगी कहानी
X

देश में जारी लॉकडाउन के बीच ऐसे-ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाएंगी। भूखें प्यासे प्रवासी मजदूर पैदल ही अपने घर की तरफ जा रहे हैं। कोई रास्ते में भूख से तड़पकर मर गया तो किसी का एक्सीडेंट हो गया। लेकिन इस बीच एक उत्तर प्रदेश के कानपुर से ऐसा मामला सामने आया है। जिसे सुनकर आपकी आंखें नम तो हो ही जाएंगी लेकिन आपका कलेजा भी बाहर आ जाएगा।

15 दिनों से भरपेट खाना भी नहीं मिल पाया

दरअसल, काकादेव थाना क्षेत्र के राजापुरवा निवासी एक मजदूर लॉकडाउन में काम न मिलने से पाई-पाई को मोहताज हो गया। जिस कारण उसके परिवार को भर पेट खाना भी नहीं मिल पा रहा। मजदूर काम के प्रयास में दर-दर भटका लेकिन उसे लॉकडाउन की वजह से काम नहीं मिल पाया। इस वजह से मजदूर के बच्चों को बीते 15 दिनों से भरपेट खाना भी नहीं मिल पाया। बच्चे कभी सूखी रोटी खाकर सो जाते तो कभी पानी पीकर। मजदूर पिता से बच्चों की यह पीड़ा देखी नहीं गई और हमेशा के लिए अपनी आंखें बंद कर लीं।

बताया जा रहा है कि राजापुरवा निवासी विजय बहादुर दिहाड़ी मजदूर था। मजदूरी करके ही पत्नी रंभा, बेट शिवम, शुभम, रवि और बेटी अनुष्का का पेट भरता था। डेढ़ महीने से जारी लॉकडाउन की वजह से उसे कहीं काम नहीं मिला। इसके चलते जो पैसा जोड़ा भी था, वह भी खत्म हो गया।

पत्नी खाने की तलाश में बच्चों के साथ बाहर निकली

आसपास के लोगों ने जानकारी दी कि परिवार को बीत कई दिनों से भरपेट खाना नहीं मिल रहा था। इससे परेशान होकर बुधवार को विजय ने साड़ी के फंदे से फांसी लगा ली। पत्नी के चिल्लाने पर पास के लोग इकट्ठा हुए और मजदूर को नीचे उतारकर अस्पताल में भर्ती करवाया। लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। विजय ने जेवर भी बेचने की भी कोशिश की लेकिन दुकानें बंद होने के कारण वह जेवर भी नहीं बेच पाया था। भूख के कारण उसकी मासूम बेटी की तबीयत भी खराब होने लगी थी। घटना के समय रंभा बच्चों के साथ रोटी की तलाश में ही घर से निकली थी।

Next Story
Top