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उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन हुआ तो स्थिति बहुत भयावह होगीः राजभर

उत्तर प्रदेश में अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज मुखर करने वाले पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सहयोगी पार्टी भाजपा को परोक्ष रूप से चेताते हुए रविवार को यहां कहा कि अगर सपा और बसपा के बीच गठबंधन हुआ तो आगामी चुनाव में स्थिति भयावह होगी।

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन हुआ तो स्थिति बहुत भयावह होगीः राजभर
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उत्तर प्रदेश में अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज मुखर करने वाले पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सहयोगी पार्टी भाजपा को परोक्ष रूप से चेताते हुए रविवार को यहां कहा कि अगर सपा और बसपा के बीच गठबंधन हुआ तो आगामी चुनाव में स्थिति भयावह होगी।

राजभर ने यहां सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'अन्य पिछड़ा वर्ग में पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा के बीच आरक्षण का लाभ बांटने को लेकर बड़ी लड़ाई के बाद कमेटी गठित हुई और कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी। अब इन्हें (योगी सरकार को) दिख रहा है कि हम अयोध्या में राम मंदिर बनवा लें।'
उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश में 80 संसदीय सीटें हैं और हर सीट पर 7-10 लाख वोट अति पिछड़ों का है। राजनाथ सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने भी सामाजिक न्याय समिति बनाई जिसने अपनी रिपोर्ट में पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग बनाकर सबको हिस्सा देने की बात कही। तब तक सरकार चली गई।'
राजभर ने कहा, 'फिर सपा, बसपा की सरकारें आईं। उन्होंने इस पर कुछ नहीं किया। अब जब भाजपा की सरकार आई तो हमने समझौता इसी आधार पर किया था कि सरकार बनने के बाद हम इसे करेंगे। सालभर बीत गया, सरकार ने कुछ भी नहीं किया।'
मंत्री ने कहा, 'हम अपनी मांग पर अड़े हैं। यह विभाजन हो जाता तो पुलिस भर्ती में आज प्रजापति, पाल, राजभर, चौहान, बिंद, कश्यप, निषाद, केवट और मल्लाह का भी बेटा भी पुलिस होता।'
अपने विभाग के बारे में उन्होंने कहा, '7 वर्ष से कम आयु के वे बच्चे जो सुन नहीं सकते थे, जिसकी वजह से वे बोल नहीं पाते थे, उनके कान के ऑपरेशन के लिए पहले 10,000 रुपये मिलते थे, उसे बढ़ाकर हमने छह लाख रुपये कर दिया। अब तक 77 बच्चों का ऑपरेशन हुआ है और ये सभी बोलने लगे हैं।'
मंत्री ने बताया कि पहले दिव्यांगजन कृत्रिम अंग के लिए कभी जयपुर और कभी कानपुर जाते थे। अब व्यवस्था बन गई है कि ऐसे पात्र दिव्यांगजनों की सूची बनेगी और जब टीम उनके जिले में जाएगी, उन्हें कृत्रिम अंग मिल जाएगा।
राजभर ने कहा, 'प्रदेश में दिव्यांग लोगों की संख्या 1.5 करोड़ है और हर मंडल में उनके लिए विद्यालय खुलना चाहिए। इसके लिए बजट मांगा जा रहा है तो सरकार के पास बजट नहीं है। हम इस बारे में बोलते हैं तो कहते हैं कि हम विरोध में बोलते हैं।'

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