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रविवार, फरवरी 17, 2019  

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गर्भपात

गर्भपात के कारण : भूलकर भी प्रेग्नेंसी में न करें इन 5 चीजों का सेवन

आमतौर पर प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को घी, बटर, फलों और सब्जियों वाली पौषक तत्वों से भरपूर डाइट लेने को कहा जाता है। लेकिन कई बार महिलाएं जाने-अनजाने में या जानकारी के अभाव या खाने-पीने की आदतों में बरती गई लापरवाही गर्भपात यानि मिस्कैरिज का कारण बन जाती हैं। यही नहीं, डॉक्टर्स के मुताबिक प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा सॉफ्ट चीजें खानाखासकर जिसमें लिस्टारिया नामक बैक्टीरिया भी गर्भपात की वजह बन सकता है। एक शोध के मुताबिक, लिस्टेरिया नामक बैक्टीरिया कई फूड्स में मौजूद होता है, जो होने वाले बच्चे के लिए खतरनाक होता है। इसलिए वो फूड्स जिनमें यह बैक्टीरिया मौजूद होता है, उसका सेवन करने से प्रेग्नेंट वुमन को बचना चाहिए।

पेट

पेट दर्द और जलन से छुटकारा पाने के उपाय

जब भी मौसम में बदलाव होता है, तो उसका सबसे ज्यादा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। जिसकी वजह से कभी पेट की बीमारियां, तो कभी सिरदर्द जैसी समस्या हमेशा घेरे रहती है। अगर आप भी पेट में होने वाले दर्द, जलन के साथ सिरदर्द से परेशान रहते हैं। ऐसे में अगर कुछ सावधानी बरती जाए, तो इन बीमारियों को आसानी से मात दे सकते हैं।

मोटापा

मोटापा कम करने और पेट की चर्बी घटाने की 5 एक्सरसाइज, एक हफ्ते में रिजल्ट होगा सामनें

आप घर बैठे ही अगर एक्सट्रा फैट बर्न करना चाहती हैं तो बहुत हार्डकोर एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है। कुछ ईजी एक्सरसाइज के जरिए भी आप अपना फिटनेस गोल हासिल कर सकती हैं। जानिए, कुछ ईजी एक्सरसाइज के बारे में।

World

World Cancer Day 2019 : जानिये क्या है एंडोमेट्रियल कैंसर और महिलाओं में इसके लक्षण, कारण और उपचार

4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस 2019 (World Cancer Day 2019) पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। इस दिन कैंसर से बचाव और उसके लक्षण, कारण और उपचार के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। जिससे लोग समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को कंट्रोल कर सकें और शरीर के अन्य अंगों में इसके असर को फैलने से रोक सकें। ब्रेस्ट कैंसर की ही तरह एंडोमेट्रियल कैंसर (Endometrial Cancer) भी सिर्फ महिलाओं में होने वाला कैंसर का एक प्रकार है। एंडोमेट्रियल कैंसर (Endometrial Cancer) महिलाओं के यूट्रेस में होता हैं।

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World Cancer Day 2019 : बार-बार पैरों में सूजन और पाचन संबंधी होती है दिक्कत,तो हो सकती हैं ओवरी कैंसर की शिकार

4 फरवरी 2019 को पूरी दुनिया में विश्व कैंसर दिवस मनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र ने इसकी शुरूआत विभिन्न प्रकार के कैंसर से बचाव और उसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए की गई थी। आज के दौर में कैंसर एक गंभीर बीमारी होने के साथ ही बेहद कॉमन बीमारी बनती जा रही है। यह कैंसर 45-50 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं में अधिक होता है। इसके लक्षण दूसरी बीमरियों की तरह होने पर आसानी से पकड़ में नहीं आ पाते, जिससे ओवरी कैंसर का पता प्राइमरी स्टेज में नहीं लग पाता।

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World Cancer Day 2019 : ये हैं ब्रेस्ट कैंसर के कारण, लक्षण और उपचार

यह महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है। ब्रेस्ट की कोशिकाओं में शुरू होने वाला ट्यूमर या गांठ है, जो इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोंस में बढ़ोतरी के कारण होती हैं। गांठ धीरे-धीरे शरीर के अन्य कोशिकाओं और बाकी हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती है। गांठ किसी भी उम्र में हो सकती है। आमतौर पर 40 साल की उम्र के बाद की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले ज्यादा होते हैं।

फैटी

फैटी लीवर : जानिए इसके लक्षण, कारण और उपचार

इन दिनों नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज से ग्रसित होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसकी कई वजहें हो सकती हैं। अगर इसमें लापरवाही बरती जाए तो कंडीशन बिगड़ सकती है। ऐसे में इसके कारण और लक्षणों को पहचानकर तुरंत प्रॉपर ट्रीटमेंट कराना चाहिए।

नाइट

नाइट शिफ्ट के नुकसान : कैंसर, हार्ट अटैक समेत होती हैं ये जानलेवा बीमारियां

विदेशों की तरह ही भारत में भी अब हर शिफ्ट यानि नाइट शिफ्ट में काम करना बेहद कॉमन हो गया है। जिसका असर लोगों की सेहत पर साफ तौर पर देखा जा सकता है। नाइट शिफ्ट में काम करने पर सबसे पहले लोगों की नींद प्रभावित होती है। जिसकी वजह से शरीर में अन्य रोग पनपने लगते हैं। नाइट शिफ्ट में काम करने से सिर्फ नींद पर ही बुरा असर नहीं पड़ता बल्कि हमारे पाचन तंत्र, अचानक से वजन घटना या बढ़ना, सिरदर्द की समस्या के साथ ही कैंसर जैसे गंभीर रोग भी होने लगते हैं। ऐसे में अगर आपको एक हेल्दी लाइफ जीनी है, तो सबसे पहले नाइट शिफ्ट में काम करना कम या बंद करें।

सरोगेसी

सरोगेसी क्या है, जानिए उससे जुड़ी जानकारी

सरोगेसी, आपने आज तक इस शब्द को कई बार सुना जरूर होगा लेकिन सरोगेसी क्या है और इसका उपयोग क्यों किया जाता है। ऐसे सवाल अक्सर आपके दिमाग में आते होंगे। वैसे तो सरोगेसी तकनीक और शब्द को सबसे ज्यादा पॉपुलर या यूं कहें कि इसका उपयोग बॉलीवुड हस्तियों ने किया है। सरोगेसी के जरिए करन जौहर, तुषार कपूर, शाहरूख खान आदि स्टार्स पेरेंट्स बनें हैं।

अगर

अगर आपको भी है ज्यादा खाने की आदत, ध्यान रखें ये 5 बात- नहीं बढ़ेगा मोटापा

अपने शरीर की जरूरत से ज्यादा भोजन खाना आपकी सेहत के लिए खतरनाक होता है। कुछ लोगों को भूख बहुत लगती है, जिसके कारण वो दिनभर कुछ न कुछ खाते रहते हैं। शरीर की जरूरत से ज्यादा खाने से मोटापे का तो खतरा होता ही है, साथ ही दिल की बीमारियां, डायबिटीज और लिवर की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

प्रेग्नेंसी

प्रेग्नेंसी में केले खाएं या नहीं, जानें यहां

केला एक ऐसा फल है जो 12 महीने यानि पूरे साल उपलब्ध रहता है। केला, अकेला नामक एक कहावत आपने जरूर सुनी होगी। जिसने भी कहा है बेहद ही खूब कहा है, क्योंकि केले में अकेले ही सभी फलों के बराबर पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। केले के सेहत से भरपूर गुणों से तो आमतौर पर सभी वाकिफ हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्भावास्था (प्रेग्नेंसी) में केला खाना चाहिए या नहीं। क्या केले का गर्भावास्था (प्रेग्नेंसी) में सेवन करना फायदेमंद है। क्योंकि आमतौर पर महिलाओं को गर्भावास्था (प्रेग्नेंसी) के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु को ध्यान में रखते हुए कई फलों और खाद्य पदार्थों का सेवन करने की मनाही होती है।

देसी

देसी घी के फायदे : कब्ज, गैस और पाचन संबंधी रोगों को करना है जड़ से खत्म, तो ऐसे करें इस्तेमाल

अगर आप देसी घी इसलिए नहीं खाते हैं कि इसमें फैट होता है। रोजाना देसी घी खाना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है और इसे खाने से आपका वजन बिल्कुल नहीं बढ़ता है। घी में ढेर सारे पोषक तत्व होते हैं जैसे- विटामिन ए, डी और कैल्शियम, फॉस्फोरस, मिनरल्स, पोटैशियम आदि। घी में मौजूद कॉन्जुगेटेड लिनोलेइक एसिड (ओमेगा-6 फैटी एसिड का एक प्रकार) होता है, जो न सिर्फ वजन घटाने में मदद करता है बल्कि कैंसर के खतरे को भी कम करता है। अगर आप रोजाना सिर्फ 2 चम्मच देसी घी खाते हैं, तो आपके शरीर को ढेर सारे फायदे मिलते हैं।

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