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नदी में उतरा विमान, मछुआरे हुए परेशान, कहा- दे देंगे जान

रोड्रिग्स ने कहा कि यदि सरकार इस प्रस्ताव को नहीं टालती तो मछुआरे अपने प्रदर्शन के तहत खुदकुशी कर लेंगे।

नदी में उतरा विमान, मछुआरे हुए परेशान, कहा- दे देंगे जान

पणजी. मछुआरा समुदाय के विरोध के बीच गोवा सरकार ने अपने पर्यटन प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए राज्य के बीचों बीच से गुजर रही मंडोवी नदी में शनिवार को सी प्लेन के उतरने का परीक्षण किया।

पारंपरिक रूप में मछली पकड़ने का व्यवसाय करने वाले मछुआरों ने धमकी दी है कि अगर गोवा सरकार सी प्लेन के संचालन की इजाजत देती है तो वे अपना जीवन खत्म कर लेंगे क्योंकि इस निर्णय का असर उनकी रोजी रोटी पर पड़ेगा।

बहरहाल, आंदोलनों के बीच गोवा के पर्यटन मंत्री दिलीप पारूलेकर ने इस अनोखे पर्यटन प्रस्ताव पर आगे बढ़ने का फैसला किया और डबलिन हवाईअड्डे से इस तरह के पहले विमान के उड़ान को स्वीकृति दी जो सुबह पौने 12 बजे मंडोवी नदी में सफलतापूर्वक उतरा।

परीक्षण से पहले एंजेलो रोड्रिग्स के अध्यक्ष गोएनच्या रामपोंकारांचो एकवोट ने कहा, हम इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। सरकार हमारी आजीविका की कीमत पर इसे करना चाहती है। रोड्रिग्स ने कहा कि यदि सरकार इस प्रस्ताव को नहीं टालती तो मछुआरे अपने प्रदर्शन के तहत खुदकुशी कर लेंगे।

गोवा पर्यटन ने गोवा में इस तरह की सेवा शुरू करने के लिए मैरिटाइम एनर्जी हेली एअर सर्विस प्राइवेट लिमिटे (एमईएचएआईआर) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से इस तरह की सेवा शुरू करने वाला महाराष्ट्र के बाद गोवा दूसरा राज्य बन जाएगा।

पारूलेकर ने कहा कि मछुआरे अनुचित मुद्दा उठा रहे हैं। इससे उनकी आजीविका पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार पूरी तरह से सजग है और पारंपरिक मछुआरों का ध्यान रखती है। सी प्लेन सेवा से बड़ी संख्या में पर्यटक आकर्षित होंगे जो हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। यदि पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना है तो हमें प्रगतिशील होना ही पड़ेगा।

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