Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

नस्‍लीय उत्‍पीड़न का शिकार हुआ मणिपुर का छात्र, कन्‍नड़ न बोलने पर कर दी पिटाई

मैं घबराकर बाइक पर उछल कर चढ़ गया और पुलिस स्टेशन की तरफ भागने लगा लेकिन उन लोगों ने मेरा पीछा नहीं छोड़ा।

नस्‍लीय उत्‍पीड़न का शिकार हुआ मणिपुर का छात्र, कन्‍नड़ न बोलने पर कर दी पिटाई

बेंगलुरु. पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के लोगों के प्रति फिर से भेदभाव करने का मामला सामने आया है। इस बार यह भयानक हादसा बेंगलुरु में हुआ है। मंगलवार रात कुछ लोगों ने मणिपुरी स्टूडेंट लीडर पर हमला कर उसे बुरी तरह पीटा। घटना बेंगलुरु के कोठानुर में आधी रात को हुई। लोग मणिपुरी स्टूडेंट लीडर से कन्नड़ बोलने की मांग कर रहे थे। कोठानुर में यहां बाहरी स्टूडेंट काफी संख्या में रहते हैं। ज्यादातर पूर्वोत्तर और अफ्रीकी स्टूडेंट्स हैं। इस इलाके में ऐसे हमले पहले भी हो चुके हैं।

इस बार हमला थादोऊ (मणिपुरी आदिवासी) स्टूडेंट असोसिएशन बेंगलुरु के अध्यक्ष टी. माइकल लम्जथांग हाओकिप पर हुआ। हमले के कारण इनके सिर और पीठ में गहरी चोट लगी है। 26 साल के माइकल अभी खतरे से बाहर हैं। इस असोसिएशन के दो और सदस्य 28 साल के नगमखोलेन हाओकिप और 25 साल के रॉकी किपगेन हमले के वक्त माइकल के साथ थे। हमले में इन दोनों स्टूडेंट्स को भी चोट लगी है। जख्मी अवस्था में दोनों स्टूडेंट्स गायब हैं।

जख्मी माइकल ने बताया, 'हमलावर कन्नड बोलने की मांग कर रहे थे। वे कह रहे थे कि तुम यदि बाहरी हो तो कर्नाटक में बनने वाले फूड खाने की आदत डालो। इसके साथ ही तुम्हें कन्नड भाषा जरूर आनी चाहिए। यह चीन नहीं इंडिया है। मैंने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन उन पर पागलपन सवार था।

नीचे की स्लाइड्स में जानिए, क्‍या कहती है पुलिस-
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि और हमें फॉलो करें ट्विटर पर-
Next Story
Share it
Top