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अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता की अर्जी खारिज, नहीं मिली जमानत

हाईकोर्ट के पास 500 और प्रपन्न अग्रहार जेल के पास 1000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता की अर्जी खारिज, नहीं मिली जमानत
बेंगलुरु. तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता को जमानत नहीं मिली है। पहले सरकारी पक्ष के विरोध नहीं करने के कारण लोगों ने मान लिया था कि जमानत मिल गई और जश्न मनाना शुरू कर दिया था। समर्थकों को लगा कि जयललिता को जमानत मिल गई है और वे खुशी से आतिशबाजी करने लगे थे। लेकिन बाद में आए कोर्ट के फैसले से नाराज समर्थकों विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जयललिता पिछले 10 दिनों से जेल में बंद हैं। जमानत उस याचिका पर दी गई जिसमें तत्काल जमानत देने और आय से अधिक संपत्ति के 18 साल पुराने मामले में चार साल के कारावास की सजा निलंबित करने का अनुरोध किया गया था। जयललिता आय से अधिक संपत्ति मामले में जयललिता 27 सितंबर से जेल में बंद थी। चेन्नै में जयललिता के घर के बाहर समर्थक जमकर आतिशबाजी कर रहे हैं। इस मौके पर कर्नाटक के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद किया गया है।
होसुर सीमा से शहर में अन्नाद्रमुक नेताओं और समर्थकों के संभावित प्रवेश को देखते हुए पुलिस ने हाई कोर्ट और प्रपन्न अग्रहार केंद्रीय कारागार के आस-पास सुरक्षा कड़ी कर दी थी। गौरतलब है कि गत 27 सितंबर से जयललिता प्रपन्न अग्रहार केंद्रीय कारागार में कैद हैं। हाईकोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने 1 अक्तूबर को जयललिता और उनकी करीबी सहायक शशिकला और उनके रिश्तेदारों वी एन सुधाकरण और इलावरासी की याचिकाओं पर 7 अक्तूबर के लिए सुनवाई स्थगित कर दी थी।

नीचे की स्लाइड्स में जानिए, क्‍या है पूरा मामला-

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