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लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, उत्तराखंड-ओडिशा में बाढ़ का खतरा

भूस्‍खलन और नदियों के बढ़ते स्‍तर से इन तीन राज्‍यों में लोगों को खासा दिक्‍कत हो रही है।

लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, उत्तराखंड-ओडिशा में बाढ़ का खतरा

देहरादून/ भुवनेश्वर. उत्तराखंड और ओडिशा में ज्यादातर स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने से सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के हिमालयी गंगा डिविजन द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, हरिद्वार में गंगा अपने चेतावनी स्तर 293 मीटर पर बह रही है जबकि ऋषिकेश में भी उसका जलस्तर चेतावनी स्तर के निशान 339.50 मीटर के बिल्कुल नजदीक है और उसका जलस्तर बढ़ रहा है । आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और फिलहाल चिंताजनक स्थिति नहीं है ।

उधर, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, प्रदेश के अनेक स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होती रही । पिछले 24 घंटों के दौरान उखीमठ में 82;5 मिमी, डीडीहाट में 73 मिमी, कोटद्वार में 72 मिमी, नैनीताल में 60 मिमी, जखोली में 55 मिमी, उत्तरकाशी और लैंसडोन में 48 मिमी, गरूड. में 45 मिमी, रामनगर में 42 मिमी और चमोली में 41 मिमी बारिश रिकार्ड की गई । लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण मार्ग बंद होने के कारण जनजीवन के अलावा चारधाम यात्रा भी प्रभावित हो रही है और बहुत कम संख्या में र्शद्घालु उनके दर्शन को पहुंच रहे हैं । राज्य परिचालन केंद्र के अनुसार, आज सुबह नौ बजे सोनप्रयाग से 11 र्शद्घालुओं ने केदारनाथ मंदिर की ओर प्रस्थान किया जबकि कल केवल छह तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री मंदिर में दर्शन किए ।

कोसी मुद्दा रास में उठा: राज्यसभा में मंगलवार को कांग्रेस के एक सदस्य ने नेपाल में भूस्खलन के कारण बनी झील से बिहार में बाढ़ की आशंका का जिक्र किया और सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी हालिया नेपाल यात्रा के दौरान वहां की सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। कांग्रेस सदस्य प्रमोद तिवारी ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाया और कहा कि कोसी नदी के उद्गम स्थल नेपाल में भूस्खलन के कारण एक झील बन गई है ।

उन्होंने कहा कि यह ‘वाटर बम’ हो गया है। तिवारी ने कहा कि खबर थी कि नेपाल को बचाने के लिए उस वाटर बम को उड़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो बिहार के नौ जिलों में भारी तबाही हो सकती है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से पिछले 2-3 दिनों में ज्यादा बारिश नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अभी नेपाल के दौरे पर गए थे और क्या उन्होंने वहां की सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था।

नीचे की स्लाइड्स में देखिए तस्‍वीरें- तेज बारिश से बिहार, ओडिशा और उत्‍तराखंड में बुरा हाल में बुरा हाल

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